भाजपा का “मास्टर स्ट्रोक” तय करेगा राज्यसभा की बाजी!
मध्यप्रदेश की राजनीति में अचानक बढ़ा सियासी तापमान
⚡ मध्यप्रदेश की राजनीति में अचानक बढ़ा सियासी तापमान
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारियों ने कांग्रेस खेमे की चिंता बढ़ा दी है। रविवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर हुई हाई लेवल बैठक के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव को सीधी चुनौती में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि भाजपा ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी की गतिविधियां स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि भाजपा “निन्यानबे प्रतिशत” तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है।
🎯 भाजपा का “सरप्राइज कार्ड” कांग्रेस पर पड़ सकता है भारी
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा कांग्रेस को “चारों खाने चित” करने के लिए कोई बड़ा और आश्चर्यजनक फैसला ले सकती है। पार्टी का पूरा फोकस ऐसे सामाजिक और राजनीतिक समीकरण तैयार करने पर है, जिससे विपक्ष की रणनीति पूरी तरह उलझ जाए।
भाजपा का संभावित तीसरा प्रत्याशी ओबीसी, एससी या एसटी वर्ग से हो सकता है। माना जा रहा है कि पार्टी ऐसा चेहरा सामने ला सकती है, जिसकी घोषणा के बाद कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ जाएं।
⚠️ कांग्रेस के पास वोट तो हैं, लेकिन जीत की गारंटी नहीं!
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 58 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। कांग्रेस के पास संख्या बल मौजूद है, लेकिन परिस्थितियां उसके पक्ष में पूरी तरह सहज दिखाई नहीं दे रही हैं।
विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाईकोर्ट की रोक और बीना विधायक निर्मला सप्रे के भाजपा के साथ खड़े होने की स्थिति ने कांग्रेस की गणित को कमजोर कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के पास आंकड़े जरूर हैं, लेकिन जीत की गारंटी नहीं कही जा सकती। अंदरूनी असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं पार्टी की चिंता बढ़ा रही हैं।
🔥 मीनाक्षी नटराजन को लेकर कांग्रेस में असंतोष की चर्चा
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में यह संभावना भी व्यक्त की जा रही है कि समय की नजाकत को देखते हुए कांग्रेस प्रत्याशी बदलने पर विचार कर सकती है।
हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्याशी बदलने के बाद भी कांग्रेस की गुटबाजी समाप्त होगी, इसकी संभावना बेहद कम दिखाई देती है।
🛡️ भाजपा पूरी तैयारी के बाद ही चलेगी अंतिम दांव
भाजपा के पास 164 विधायक हैं और दो प्रत्याशियों की जीत के बाद भी उसके पास अतिरिक्त मत मौजूद हैं। सूत्रों का दावा है कि भाजपा हर संभावित समीकरण पर नजर बनाए हुए है और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।
उधर कांग्रेस भी सतर्क हो गई है और विधायकों की बाड़ाबंदी की तैयारी शुरू कर चुकी है। चर्चाएं हैं कि कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक भेज सकती है।
👀 अब सबकी नजर भाजपा के अंतिम फैसले पर
राजनीतिक हलकों में अब सबसे बड़ी उत्सुकता भाजपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सोमवार सुबह होने वाली घोषणा के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिल सकता है।


