बच्चों संग जमीन पर बैठीं कलेक्टर, थाली का भोजन चखा और मां की तरह पूछा हालचाल
आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में कुपोषित बच्चों की जानकारी ली, अपने हाथों से खिलाया भोजन, पोषण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की परखी हकीकत
कुपोषण मुक्त सिवनी की दिशा में प्रशासन सख्त
Seoni 19 June 2026
सिवनी यशो:- जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शुक्रवार को सिवनी विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र कोहका एवं केकड़वानी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों में पंजीकृत एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी प्राप्त की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।

बच्चों के स्वास्थ्य और विकास गतिविधियों का किया अवलोकन
कलेक्टर ने बच्चों के बौद्धिक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की ऊंचाई एवं वजन का परीक्षण कर उनके पोषण स्तर की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों का भी निरीक्षण किया।
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उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण आहार वितरण के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं।

कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुपोषित, अतिकुपोषित एवं कुपोषण के प्रति संवेदनशील बच्चों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाकर आवश्यक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की स्थिति गंभीर है, उन्हें आवश्यकता अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए।
अभिभावकों की काउंसलिंग और विभागीय समन्वय के निर्देश
कलेक्टर ने बच्चों के अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें संतुलित आहार, स्वच्छता, टीकाकरण एवं बच्चों की उचित देखभाल के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अतिकुपोषित एवं संवेदनशील बच्चों के चिन्हांकन, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण प्रबंधन एवं कुपोषण उन्मूलन के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

“कुपोषण मुक्त सिवनी” के लिए प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी
कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा कि “कुपोषण मुक्त सिवनी” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर मॉनिटरिंग आवश्यक है।
पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और भोजन निर्माण में स्वच्छता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बच्चों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह
कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनसे कविताएं सुनीं और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता और गतिविधियों में सहभागिता की सराहना करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पोषण वाटिका की सराहना, सुरक्षा व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्र केकड़वानी में कलेक्टर ने कार्यकर्ता द्वारा विकसित पोषण वाटिका का अवलोकन कर उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाएं बच्चों को ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं और इन्हें अन्य केंद्रों में भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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वहीं आंगनबाड़ी केंद्र कोहका में सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में उगी झाड़ियों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।




