नया सत्र शुरू, छात्रावास बदहाल: अधीक्षक से लेकर रसोईया तक गायब
मोहबर्रा आदिवासी बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, अभिभावकों ने बताई कई समस्याएं
मोहबर्रा आदिवासी बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं के आरोप, नए सत्र में कर्मचारी नदारद, ग्रामीणों ने जांच की मांग
उगली/केवलारी यशो :- नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो चुका है और स्कूलों में प्रवेश उत्सव सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ऐसे समय में केवलारी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम मोहबर्रा स्थित सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है।
स्थानीय अभिभावकों के अनुसार छात्रावास में अधीक्षक, रसोईया, जलवाहक और चौकीदार सहित पूरा स्टाफ पदस्थ होने के बावजूद कई कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं। उनका कहना है कि नए सत्र की शुरुआत के बावजूद छात्रावास की व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई हैं।
अभिभावकों ने बताया कि छात्रावास में पदस्थ रसोईया अरुण चंद्रौल लंबे समय से नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में उन्होंने अपने कार्य के लिए एक स्थानीय व्यक्ति को मजदूरी पर रखा था, जिसका भुगतान भी लंबित बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में विभागीय पुष्टि होना शेष है।
नए प्रवेश के लिए फॉर्म तक नहीं
अभिभावकों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन छात्रावास प्रबंधन के पास आवेदन फॉर्म तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से बाधित बताई जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अधीक्षक की कार्यप्णाली पर भी सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि छात्रावास अधीक्षक मयूर महाजन भी अधिकांश समय मुख्यालय से बाहर रहते हैं, जिससे व्यवस्थाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। वहीं छात्रावास में पदस्थ चौकीदार सातुले जी आगामी दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वर्तमान में अधिकांश व्यवस्थाओं का दायित्व सीमित कर्मचारियों पर ही निर्भर बताया जा रहा है।
अभिभावकों ने बताई स्थिति
अभिभावकों ने पत्रकारों को बताया कि 16 जून को छात्रावास में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं प्रारंभ करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बाद भी अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिए। उनका कहना है कि नए सत्र के मद्देनजर छात्रावास को पूरी तरह तैयार होना चाहिए था।
अधीक्षक ने किया नियमित उपस्थिति का दावा
जब इस संबंध में छात्रावास अधीक्षक से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और छात्रावास की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। हालांकि स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों द्वारा इससे भिन्न स्थिति बताए जाने के कारण मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।
जांच की मांग
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मोहबर्रा सहित उगली, सरेखा और पां. छपारा क्षेत्र के छात्रावासों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा और आवासीय सुविधाओं पर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से संबंधित कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पालन सुनिश्चित कराने तथा छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।



