खेत से कारखाने और बाजार तक विकसित होगी कृषि अर्थव्यवस्था, किसान कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसानों को बड़ी सौगातें
बलराम कृषि महोत्सव से प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत, केन-बेतवा एवं पीकेसी नदी जोड़ो परियोजनाएं बताईं किसानों के लिए गेमचेंजर, 13 नवंबर तक 55 जिलों में होंगे विशेष आयोजन
बलराम कृषि महोत्सव 2026: CM मोहन यादव की किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं, नदी जोड़ो परियोजनाओं से 13 जिलों को मिलेगा लाभ
भोपाल/इंदौर यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मना रही है। सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि “खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित कर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा, राजस्व सहित 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में आगामी 13 नवंबर तक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण तथा रोजगार आधारित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।

नदी जोड़ो परियोजनाएं किसानों के लिए बनेंगी गेमचेंजर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन-बेतवा एवं पार्वती-चंबल-कालीसिंध (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजनाओं को किसानों के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से प्रदेश के 13 जिलों को सिंचाई एवं पेयजल का लाभ मिलेगा। इससे श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, मंदसौर, नीमच सहित मालवा और पश्चिमी मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी।
सिंचाई का दायरा 7.5 लाख से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है। पिछले ढाई वर्षों में ही लगभग 10 लाख हेक्टेयर नए क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। सरकार किसानों को रात्रि के बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और बिना ब्याज ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को इस वर्ष ₹2625 प्रति क्विंटल गेहूं का मूल्य दिया गया। सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ मिला तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को हर छह महीने में ऋण नवीनीकरण की आवश्यकता भी नहीं होगी।
10 हजार करोड़ के नए निवेश से रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के नए औद्योगिक निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे। कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नई इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। उज्जैन में स्थापित पेप्सिको की आलू प्रोसेसिंग यूनिट प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा।
डेयरी, पशुपालन और ग्रामीण परिवहन को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख रुपये तक की डेयरी स्थापना पर 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से पशुपालकों को दूध पर ₹8 से ₹10 प्रति लीटर अधिक मूल्य मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत जल्द बस सेवा प्रारंभ की जाएगी।
कृषि में मध्यप्रदेश का दबदबा कायम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान 43 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि श्रीअन्न (मिलेट्स), संतरा, धनिया और लहसुन उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। फूलों की खेती में भी मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
ये रहीं मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
- केन-बेतवा एवं पीकेसी नदी जोड़ो परियोजनाओं को तेज गति से पूरा किया जाएगा।
- 13 नवंबर तक प्रदेशभर में किसान कल्याण वर्ष के विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- किसानों को दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
- ₹2625 प्रति क्विंटल गेहूं मूल्य, सोयाबीन पर भावांतर योजना और शून्य ब्याज फसल ऋण जारी रहेगा।
- 40 लाख रुपये तक की डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण बस सेवा शुरू होगी।
- फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, कृषि आधारित उद्योग और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना लागू होगी।
कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र के उत्कृष्ट किसानों, कृषि आधारित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाकर किसानों को आधुनिक खेती, ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि ऋण, बीमा, विपणन एवं शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।




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