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महाकाल श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, उज्जैन में 945.20 करोड़ से बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया भूमि-पूजन, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन और स्वयंसेवकों की तैयारियों की सराहना

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर – महाकाल श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, उज्जैन में 945.20 करोड़ से बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

Seoni, 19 August 2026
 भोपाल/उज्जैन यशो:- सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन को बड़ी विकास सौगात दी। उज्जैन की कालिदास अकादमी में आयोजित होमगार्ड, आपदा मित्र एवं सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स प्रशिक्षण समारोह में मुख्यमंत्री ने 945.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन किया। यह कॉरिडोर महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बनेगा।

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर - सीएम डॉ. मोहन यादव उज्जैन में 945.20 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन करते हुए
उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर – सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को बड़ी सौगात, 945 करोड़ से बनेगा 5.30 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा आयोजन होगा और इसे ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महाकाल मंदिर तक जाने का बनेगा वैकल्पिक मार्ग

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए मार्ग और अधोसंरचना विकसित की जा रही है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा।

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर - सीएम डॉ. मोहन यादव उज्जैन में 945.20 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन करते हुए
उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर – सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को बड़ी सौगात, 945 करोड़ से बनेगा 5.30 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर

उन्होंने बताया कि उज्जैन में आवश्यकतानुसार रेल एवं नदी पर पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विकास की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उज्जैन और इंदौर में मल्टी एलिवेटेड कॉरिडोर सहित विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।

इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन का काम 80 प्रतिशत पूरा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे का काम करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है।

उन्होंने नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए किए गए इंतजामों की सराहना करते हुए उज्जैन प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

होमगार्ड जवानों को बताया संकटमोचक और सच्चा नायक

मुख्यमंत्री ने होमगार्ड, आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इन पर लोगों की जान-माल की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। आपदा के समय ये सभी संकटमोचक के रूप में कार्य करते हैं और सच्चे नायक हैं।

उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड, आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बेहतर ढंग से राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।

शिप्रा नदी पर 35 किलोमीटर के घाट होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2016 के दौरान शिप्रा नदी पर करीब 7 किलोमीटर के घाट थे, जबकि आगामी सिंहस्थ में 35 किलोमीटर के घाट विकसित किए जाएंगे। इन घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने उज्जैन में सर्प मित्रों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 300 सर्प मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर प्रत्येक पंचायत और थाना स्तर पर प्रशिक्षित सर्प मित्र उपलब्ध कराने का प्रयास है, ताकि आवासीय क्षेत्रों में पहुंचने वाले सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके। इससे मनुष्य और सर्प दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

1100 आपदा मित्रों का पंजीयन, 10 हजार को प्रशिक्षण का लक्ष्य

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि उज्जैन में अब तक 1100 आपदा मित्रों का पंजीयन हो चुका है। आगामी समय में कुल 10 हजार आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उज्जैन में अब तक 4 हजार सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स का पंजीयन हो चुका है और 10 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के मास्टर ट्रेनरों द्वारा आपदा मित्रों और वॉलंटियर्स को बोट हैंडलिंग तथा अंडरवॉटर डिजास्टर जैसी परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सिंहस्थ-2028 के दौरान ये सभी प्रशिक्षित स्वयंसेवक और जवान राहत एवं बचाव व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में केंद्र सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त हेमलता ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्हें इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में आमंत्रित किया गया था।

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