प्राकृतिक खेती से आय बढ़ा रहे किसानों के खेत पहुंचे कलेक्टर-एसपी, मेड़ों पर भी हो रहा बहुफसली उत्पादन
धोबीसर्रा में किसानों ने धान के साथ तुअर, अरबी, जिमीकंद और देशी सब्जियों से बढ़ाई आमदनी, पलाश से लाख उत्पादन की भी सराहना
सिवनी में प्राकृतिक खेती से किसानों की बढ़ी आय, कलेक्टर-एसपी ने देखे खेत
Seoni 27 August 2026
सिवनी यशो:- मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के दौरान कलेक्टर नेहा मीना एवं पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने ग्राम धोबीसर्रा में प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे किसानों के खेतों का अवलोकन किया। अधिकारियों ने खेतों में अपनाई जा रही विविध फसल प्रणाली को करीब से देखा और किसानों से उत्पादन, खेती की पद्धति तथा अतिरिक्त आय के स्रोतों के संबंध में जानकारी ली।

धोबीसर्रा में किसानों द्वारा पारंपरिक खेती के साथ खेत की उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए बहुफसली खेती को अपनाया जा रहा है। इससे किसानों को एक ही खेत से अलग-अलग फसलों के माध्यम से आय अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं।
धान के साथ मेड़ों पर भी हो रहा उत्पादन
किसानों द्वारा मुख्य फसल के रूप में धान की खेती के साथ खेतों की मेड़ों का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। मेड़ों पर तुअर, अरबी और जिमीकंद जैसी फसलों के साथ विभिन्न देशी सब्जियों का उत्पादन लिया जा रहा है।
इस व्यवस्था से खेत की ऐसी भूमि का भी उपयोग हो रहा है, जो सामान्य तौर पर खेती के मुख्य हिस्से की तुलना में कम उपयोग में आती है। किसानों द्वारा एक ही खेत में विभिन्न फसलों को अपनाकर जोखिम कम करने और अतिरिक्त आमदनी के स्रोत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पलाश के पेड़ों से लाख उत्पादन
धोबीसर्रा के किसानों की खेती की एक और विशेषता खेतों की मेड़ों पर मौजूद पलाश के पेड़ों से लाख उत्पादन लेना है। किसानों द्वारा कृषि गतिविधियों के साथ लाख उत्पादन को जोड़कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा रही है।
कलेक्टर और एसपी ने किसानों द्वारा प्राकृतिक तरीके से खेती करते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से आय के स्रोत विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।
उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश
कलेक्टर नेहा मीना ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र के किसानों को उद्यानिकी एवं अधिक आय देने वाली फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और बाजार की संभावनाओं के अनुरूप वैकल्पिक एवं अधिक लाभ वाली फसलों की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
चिया सीड और अश्वगंधा की खेती का प्रशिक्षण
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के लिए चिया सीड और अश्वगंधा की खेती का प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं।
उन्होंने किसानों से कहा कि खेती में विविधता लाने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए। इससे उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और अतिरिक्त आय के अवसर तैयार करने में मदद मिल सकती है।
एक खेत, कई आय के रास्ते
धोबीसर्रा में किसानों द्वारा अपनाई जा रही खेती की पद्धति में एक खेत से केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसली खेती, मेड़ पर सब्जी उत्पादन और लाख उत्पादन जैसी गतिविधियों को जोड़ा गया है। इससे किसानों के लिए आय के कई रास्ते तैयार हो रहे हैं।
कलेक्टर एवं एसपी ने किसानों के प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रशासन की ओर से किसानों को नई फसलों और तकनीकों की जानकारी तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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