सिवनीमध्यप्रदेश

गांव की चौखट तक पहुंचा प्रशासन, जनविश्वास शिविर में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

धोबीसर्रा में योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ युवाओं को उद्यमिता का संदेश, सफल युवा उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

सिवनी के धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर, ग्रामीणों की सुनी समस्याएं

Seoni 27 August 2026
सिवनी यशो:- मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत कुरई विकासखंड के ग्राम धोबीसर्रा में गुरुवार को जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य शासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनना और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना रहा। शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया तथा विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सिवनी के धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते अधिकारी और जनप्रतिनिधि
 धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते अधिकारी और जनप्रतिनिधि।

शिविर में विधायक कमल मर्सकोले, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, डीएफओ गौरव मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य तेजसिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष लोचन सिंह मर्सकोले, उपाध्यक्ष हरदीप भाटिया सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मां सरस्वती के पूजन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुई। इसके बाद उद्यम संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने वाले युवा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए।

सिवनी के धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते अधिकारी और जनप्रतिनिधि
 धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते अधिकारी और जनप्रतिनिधि।

युवा उद्यमियों ने बताया कि किस प्रकार शासन की योजनाओं के माध्यम से ऋण एवं आर्थिक सहायता प्राप्त कर उन्होंने स्थानीय स्तर पर व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने शिविर में मौजूद अन्य युवाओं को भी नौकरी की तलाश के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

73 लाख की लागत से राइस मिल, 8 लाख के ऋण से शुरू किया व्यवसाय

उद्यम संवाद के दौरान एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के हितग्राही लक्ष्मण साहू ने बताया कि उन्होंने 73 लाख रुपये की लागत से राइस मिल स्थापित की है। उन्होंने योजना से मिले सहयोग और व्यवसाय स्थापित करने के अनुभव को साझा किया।

वहीं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत ग्राम धोबीसर्रा के मयूर चौधरी ने लोहा-सीमेंट व्यवसाय शुरू करने के लिए 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि योजना की सहायता से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला।

इसी प्रकार आचार्य विद्यासागर गो संवर्धन योजना के अंतर्गत सुलोचना सराठे को 6 लाख रुपये का लाभ मिला। आजीविका मिशन की सीसीएल योजना के माध्यम से कृष्णा पटेल द्वारा बकरी एवं भैंस पालन का व्यवसाय किया जा रहा है।

पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 24 लाख रुपये का ऋण लेकर गुड़ यूनिट प्रारंभ की गई है। वहीं ग्राम साल्हे के रोहित उइके ने भगवान बिरसा मुंडा योजना के माध्यम से 7.30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

इन हितग्राहियों के अनुभवों ने शिविर में मौजूद युवाओं को यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर स्थानीय संसाधनों और अपनी क्षमता के अनुरूप व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।

सिवनी के धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते अधिकारी और जनप्रतिनिधि
 धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते अधिकारी और जनप्रतिनिधि।

विधायक मर्सकोले बोले—नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

विधायक कमल मर्सकोले ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। गांव में ही शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता, हुनर और स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ें।

विधायक ने कहा कि एक युवा जब अपना व्यवसाय शुरू करता है तो उसका लाभ केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह आगे चलकर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। इससे गांव और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी शासकीय योजना का लाभ लेने में परेशानी हो तो वे अपनी समस्या शिविर में अधिकारियों के सामने रखें। जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।

सिवनी के धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते अधिकारी और जनप्रतिनिधि
 धोबीसर्रा में जनविश्वास शिविर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते अधिकारी और जनप्रतिनिधि।

कलेक्टर नेहा मीना ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और प्रशासन को ग्रामीणों के और करीब लाना है। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का निराकरण हो, यही ऐसे शिविरों का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लिया जाए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से अपनी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप उद्यम स्थापित करने के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया।

एसपी ने साइबर अपराधों से बचाव को लेकर किया जागरूक

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने शिविर में ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने मोबाइल फोन, बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।

एसपी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऑनलाइन गतिविधि पर बिना सत्यापन के प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। साइबर अपराध से संबंधित किसी घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील भी की गई।

वन संरक्षण और विभागीय योजनाओं की दी जानकारी

डीएफओ गौरव मिश्रा ने ग्रामीणों को वन विभाग की विभिन्न योजनाओं, वन संरक्षण और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने वन संरक्षण में ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से वनों की सुरक्षा में सहयोग करने का आह्वान किया।

जनपद अध्यक्ष लोचन सिंह मर्सकोले ने भी ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं।

समस्याएं सुनीं, संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश

जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं और आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और निराकरण के निर्देश दिए।

शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी भी दी गई। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया के साथ आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता पर जोर

धोबीसर्रा में आयोजित शिविर में समस्याओं के निराकरण के साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष जोर दिखाई दिया। युवा उद्यमियों के अनुभवों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर गांव में ही रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

जनविश्वास शिविर के माध्यम से प्रशासन का ग्रामीणों के बीच पहुंचकर संवाद करने का प्रयास दिखाई दिया। अब शिविर में प्राप्त आवेदनों और समस्याओं का कितनी तेजी से निराकरण होता है, यह इसकी सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगा।

यह भी पढ़े:-

जबलपुर बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का हब, 475 करोड़ से अधिक की टैंक ओवरहॉल परियोजना का शुभारंभ

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बाजार में बांटी शक्कर

एसआई की बेटी निशु ने रचा इतिहास, खेल अधिकारी पद पर चयन

बंद कमरे में बवाल, बाहर चर्चाओं का बाजार गर्म! सर्किट हाउस में ‘हिस्सेदारी’ के हिसाब पर सत्तापक्षी पार्षदों में तकरार

https://rashtriyahindimail.in/posts/122350

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button