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तोपों की सलामी के साथ बड़े तालाब में हुआ भुजलिया का विसर्जन

छिंदवाड़ा में गूंजा भुजलिया उत्सव का उल्लास, अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब और भव्य झांकियों ने बांधा समां

छिंदवाड़ा में भुजलिया उत्सव: तोपों की सलामी के साथ बड़े तालाब में विसर्जन

Chhindwara 29 August 2026
छिंदवाड़ा यशो:- रक्षाबंधन के दूसरे दिन छिंदवाड़ा में मनाया जाने वाला लोक सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख पर्व ‘भुजलिया उत्सव’ शनिवार को पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

सार्वजनिक श्री भुजलिया उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और शस्त्र परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। भव्य चल समारोह में शामिल अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए, वहीं झांकियों और बैंड-बाजों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

छिंदवाड़ा में भुजलिया उत्सव के दौरान बड़े तालाब में विसर्जन
छिंदवाड़ा में भुजलिया उत्सव: तोपों की सलामी के साथ बड़े तालाब में विसर्जन

उत्सव का समापन बड़े तालाब में भुजलिया के विसर्जन के साथ हुआ। विसर्जन के दौरान तोपों की सलामी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी इस पारंपरिक आयोजन के साक्षी बने।

विधि-विधान से हुआ भुजलिया का पूजन

भुजलिया उत्सव की शुरुआत दोपहर में रोपित भुजलिया के विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात श्री बड़ी माता मंदिर, राम मंदिर और श्री चौबे बाबा जी के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की गई।

पूजन के बाद स्थानीय श्री रामलीला रंगमंच से विशाल भुजलिया चल समारोह निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा, अखाड़ों के सदस्य और विभिन्न झांकियां शामिल हुईं।

छिंदवाड़ा में भुजलिया उत्सव के दौरान बड़े तालाब में विसर्जन
छिंदवाड़ा में भुजलिया उत्सव: तोपों की सलामी के साथ बड़े तालाब में विसर्जन

अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

चल समारोह में शामिल अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक शस्त्र कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। युवाओं ने तलवार, लाठी सहित विभिन्न पारंपरिक कलाओं के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए।

वहीं डीजे और बैंजो की धुनों पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की।

बड़े तालाब में हुआ भुजलिया का विसर्जन

भव्य चल समारोह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बड़े तालाब पहुंचा, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ भुजलिया का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान तोपों की सलामी ने पूरे आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

बड़ी संख्या में शहरवासी इस ऐतिहासिक लोक परंपरा से जुड़े और भुजलिया विसर्जन के साक्षी बने।

सार्वजनिक भुजलिया उत्सव में शामिल हुए सांसद बंटी विवेक साहू

सार्वजनिक भुजलिया उत्सव समिति, छोटी बाजार द्वारा भी भुजलिया उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छोटी बाजार माता मंदिर से भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें सांसद बंटी विवेक साहू प्रमुख रूप से शामिल हुए।

सांसद साहू ने भुजलिया उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भुजलिया उत्सव सनातन धर्म की महान परंपराओं में से एक है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भुजलिया केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-जोल, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है। ऐसे पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

लोक परंपरा और संस्कृति का जीवंत स्वरूप

छिंदवाड़ा का भुजलिया उत्सव वर्षों से चली आ रही लोक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है। धार्मिक अनुष्ठान, अखाड़ों की शस्त्र कला, भव्य झांकियां, संगीत और सामूहिक विसर्जन इस पर्व को विशिष्ट बनाते हैं।

इस वर्ष भी शहर में उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। भुजलिया के विसर्जन के साथ आयोजन का समापन हुआ, लेकिन इसकी सांस्कृतिक छटा देर तक शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

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