सिवनीमध्यप्रदेश

लोकार्पण के बाद भी सिहोरा PHC पर ताला!

करीब 3 करोड़ की लागत से बना अस्पताल भवन स्वास्थ्य अमले का इंतजार कर रहा, डॉक्टर-स्टाफ और उपकरण नहीं; CMHO बोले—जल्द शुरू करेंगे संचालन

सिहोरा PHC पर लोकार्पण के बाद भी ताला, 3 करोड़ का भवन डॉक्टर-स्टाफ का इंतजार

Seoni 13 September 2026
सिवनी यशो:- आदिवासी बाहुल्य लखनादौन विकासखंड के सिहोरा गांव में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अत्याधुनिक भवन लोकार्पण के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत का इंतजार कर रहा है। भवन का विधिवत लोकार्पण 1 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिवनी प्रवास के दौरान किया गया था, लेकिन डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता नहीं होने के कारण अस्पताल के दरवाजे पर अब भी ताला लगा हुआ है।

लखनादौन-घंसौर मार्ग पर स्थित सिहोरा गांव में बनाए गए इस स्वास्थ्य केंद्र के भवन में मरीजों की सुविधाओं के साथ चिकित्सकों के आवास सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया है। भवन तैयार होने और लोकार्पण के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि अब उन्हें गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी, लेकिन स्टाफ की तैनाती नहीं होने से यह उम्मीद फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।

भवन तैयार, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ नदारद

क्षेत्रवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर भव्य अस्पताल भवन तैयार किया गया और उसका लोकार्पण भी हो गया, लेकिन अस्पताल का वास्तविक संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. पंकज दुबे ने बताया कि सिहोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इसके अलावा आवश्यक उपकरण और मेडिकल स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उपकरण एवं मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।

सिर्फ भवन से नहीं चलती स्वास्थ्य सेवा

केंद्र सरकार के इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स (IPHS) 2022 के मानकों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभावी संचालन के लिए मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ड्रेसर, अकाउंटेंट और डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित आवश्यक मानव संसाधन की जरूरत होती है। वहीं 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य केंद्र के प्रभावी संचालन के लिए केवल अत्याधुनिक भवन पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, दवाइयां, जांच सुविधाएं और आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध होना जरूरी है। सिहोरा में भवन निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं होती हैं तो इसका सीधा असर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के मरीजों पर पड़ना स्वाभाविक है।

लोकार्पण से आगे बढ़कर अब संचालन की दरकार

सिहोरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की नजर अब स्वास्थ्य विभाग की ओर है कि लोकार्पण के बाद कब अस्पताल के ताले खुलते हैं और कब डॉक्टर-स्टाफ की मौजूदगी में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होती हैं।

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