50 हजार से 5 लाख तक पहुंची मासिक आमदनी, बैंक ऋण ने बदली नन्दराम की पशुपालन की राह
63 लाख रुपये के बैंक ऋण से डेयरी कारोबार को मिला विस्तार, अब 80 और दुधारू गायें जोड़ने तथा पशु आहार निर्माण की तैयारी
50 हजार से 5 लाख हुई आमदनी, 63 लाख के ऋण से बदली नन्दराम की डेयरी
Seoni, 01 October 2026
सिवनी यशो:- मेहनत, बेहतर प्रबंधन और बैंक से मिले वित्तीय सहयोग का सही उपयोग किस तरह छोटे स्तर के पशुपालन व्यवसाय को बड़े कारोबार में बदल सकता है, इसकी मिसाल ग्राम जमूनिया निवासी नन्दराम बघेले ने पेश की है। कभी पशुपालन से प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये की आमदनी करने वाले नन्दराम की मासिक आमदनी अब बढ़कर लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
नन्दराम अब अपने डेयरी व्यवसाय को और विस्तार देने की तैयारी में हैं। उनकी योजना डेयरी फार्म में 80 अतिरिक्त दुधारू गायें शामिल करने के साथ-साथ पशु आहार निर्माण की दिशा में भी काम शुरू करने की है।
छोटे स्तर से शुरू किया पशुपालन, फिर लिया विस्तार का फैसला
नन्दराम परंपरागत खेती के साथ छोटे स्तर पर पशुपालन भी करते थे। इसी दौरान उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया। बैंक से जुड़ने के बाद उन्हें पशुपालन व्यवसाय के विस्तार के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता और योजनाओं की जानकारी मिली।
उन्होंने अपने पशुपालन व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया और बैंक अधिकारियों से संपर्क कर ऋण के लिए आवेदन किया। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद बैंक द्वारा पशुपालन व्यवसाय के लिए 63 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
इस वित्तीय सहायता के बाद नन्दराम ने अपने पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय का विस्तार किया। धीरे-धीरे पशुओं की संख्या, उत्पादन और कारोबार का दायरा बढ़ता गया।
50 हजार की आमदनी से 5 लाख रुपये प्रतिमाह तक का सफर
डेयरी व्यवसाय के विस्तार का सीधा असर नन्दराम की आय पर दिखाई दिया। जहां पहले उन्हें पशुपालन से करीब 50 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती थी, वहीं व्यवसाय के विस्तार और बेहतर संचालन के बाद यह बढ़कर लगभग 4 से 5 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई।
नन्दराम के लिए बैंक ऋण केवल आर्थिक सहायता नहीं रहा, बल्कि उसने उनके छोटे व्यवसाय को व्यवस्थित डेयरी कारोबार में बदलने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई।
अब 80 और गायें जोड़ने की तैयारी
व्यवसाय में मिली सफलता के बाद नन्दराम अब अगले चरण की तैयारी में जुटे हैं। वे अपने डेयरी फार्म में 80 अतिरिक्त दुधारू गायें शामिल करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही पशु आहार निर्माण की दिशा में भी काम शुरू करने की तैयारी है।
इससे पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों को एक ही स्तर पर विकसित करने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने की उनकी योजना है।
किसानों के लिए पशुपालन बन सकता है आय का अतिरिक्त साधन
नन्दराम का अनुभव बताता है कि खेती के साथ पशुपालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में अपनाकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं। उनका कहना है कि बैंक से समय पर मिला वित्तीय सहयोग और उसका उचित उपयोग व्यवसाय के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वे क्षेत्र के अन्य किसानों और पशुपालकों से भी शासन एवं बैंकों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेने तथा पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने की अपील करते हैं। उनका मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से किया गया पशुपालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।
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