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आँखों के संक्रमण से बचाव के लिए एडवायजरी

मंडला यशो:- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी एडवायजरी में कहा है कि वर्तमान में कंजेक्टिवाइटिस पीडि़त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आंखे आना या लालिमा आंखों से जुड़ी एक सामान्य समस्या है। चिकित्सीय भाषा में इसे कंजेक्टिवाइटिस कहते हैं। आंखों में एक पारदर्शी पतली झिल्ली कंजेक्टाइवा होती है, इसमें सूजन आ जाती है। यह बैक्टीरिया और वायरस से होने वाला रोग है। संक्रमित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले डिस्चार्ज के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सम्पर्क में आने के द्वारा यह फैलता है। संक्रमण एक या दोनों आंखों में हो सकता है। यह काफी संक्रामक है बहुत तेजी से फैलता है और 4 से 5 दिनों तक रहता है।
लक्षण- एक या दोनों आंखों में जलन या खुजली, असामान्य रूप से अधिक आंसू निकलना, आंखों से पानी जैसा गाढा डिस्चार्ज आना, आंखों में सूजन आना, आंखों में किरकिरी जैसा महसूस होना।
फैलने से कैसे रोकें – सामाजिक दूरी बनायें, व्यक्तिगत स्वच्छता, आंखों को हाथों से न छूएं, हाथों को बार-बार धोयें, निजी उपयोगी की सामग्री जैसे- पैन, मोबाईल, तौलिया, रूमाल, आई कॉस्मेटिक आदि को किसी से साझा न करें, आंखों का संक्रमण है तो चिकित्सीय सलाह लेकर ही उपचार करवायें। संक्रमित बच्चों को 4 से 5 दिनों तक स्कूल न जाने दें। अधिक भीड़ वाली जगह में न जाने दें, धूल आदि से आंखों की सुरक्षा करें। जिला चिकित्सालय मण्डला एवं स्कूल, छात्रावास में मेडिकल टीम द्वारा आंख के रोगियों का इलाज किया गया। 21 जुलाई 2023 से 1 अगस्त 2023 तक 580 कंजेक्टिवाइटिस के केस देखे गए।

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