युवाओं को दिखा दिया अंगूठा, बुजुर्गो में बांट दी रेवड़ी
बुजुर्ग नेताओं की बैसाखी पर सत्ता के शिखर पर पहुँचना चाहती है कांग्रेस
सिवनी यशो:- देश की सबसे प्रमुख राजनैतिक पार्टी कांग्रेस जो कभी सत्ता के शीर्ष पर हुआ करती थी, पिछले एक दशक इस राजनैतिक दल का लगातार ग्राफ नीचे जा रहा है और कांग्रेस इसमें सुधार के लिये कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की घोषणा कर दी है. खरगे ने सीडब्ल्यूसी में कुल 84 सदस्यों को शामिल किया है, जिनमें 39 सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं. लेकिन खरगे ने सीडब्ल्यूसी टीम में युवा नेताओं को कांग्रेस संविधान के अनुसार भी जगह नहीं दी गयी जबकि कांग्रेस ने पार्टी में युवाओं की सक्रियता बढ़ाने के लिये रायपुर अधिवेशन में संविधान संशोधन कर युवाओं की पचास प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया था ।
पार्टी के गिरते ग्राफ को सुधारने के लिये कांग्रेस पार्टी में लगातार चिंतन भी हो रहा है परंतु सुधार के लिये जो कदम उठाने के निर्णय लिये जाते है उन्ही निर्णयों पर कांग्रेस के कर्णधार कायम नहीं रहते । कांग्रेस ने पिछले दिनों अपने उदयपुर चिंतन शिविर एवं कांगे्रस पार्टी के 85 वें अधिवेशन रायपुर में पार्टी ने अपने संविधान में कुछ संशोधन किये थे जिनमें प्रमुख रूप से कहा गया था कि अनूसूचित जाति, आदिवासी, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के लिए AICC डेलीगेट्स और सभी पदों पर 50 फीसदी पद आरक्षित होंगे। दूसरा अहम निर्णय हुआ था कि 50 फीसदी पदों में 50 साल से कम के लोगों की भागीदारी होगी। इसके साथ ही संविधान में संशोधन किया था कि 1 जनवरी 2025 से कांग्रेस में अब पेपर मेंबरशिप नहीं होगी, सिर्फ डिजिटल मेंबरशिप होगी। कांग्रेस के फार्म में थर्ड जेंडर की चर्चा होगी, अब फार्म में मां और पत्नी का नाम भी लिखा जाएगा। ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर जहां भी कांग्रेस के चुने हुए सदस्य हैं। वे सभी डेलीगेट्स होंगे। सदस्यतता से सशक्तिकरण की ओर अब 6 पीसीसी डेलिगेट्स मेंबर पर एक AICC मेंबर चुना जाएगा। अभी तक 8 पर चुना जाता था।
AICC मेंबर की संख्या 1240 से बढ़कर 1653 हो जाएगी। इस प्रकार के संशोधन कांग्रेस पार्टी ने अपने संविधान में किये थे ।
इस अधिवेशन में अपने संविधान में सशोधन कर प्रावधान करने वाली कांग्रेस ने अपने ही संविधान के विपरीत कांग्रेस वर्किंग कमेटी में युवाओं को नजरांदाज कर दिया और बुजुर्ग नेताओं को शामिल किया कर लिया है ।
खरगे की कांग्रेस कार्य समिति में कुल 84 सदस्यों की फेहरिश्त में उम्र के लिहाज से विचार किया जाये तो डेढ़ दर्जन नेता ही 50 साल से कम उम्र के हैं, जिन्हें टीम में जगह मिली है. 50 साल के ज्यादा उम्र के करीब 68 नेता हैं और 70 साल से अधिक के नेताओं की संख्या भी कम नहीं है ।
कांग्रेस अपनी सेंकेंड पीढ़ी को आगे ही लाना चाहती तो कांग्रेस के हालत में सुधार कैसे होगा यह कांग्रेस के लिये चिंता का विषय होना चाहिये । वहीं भाजपा बुजुर्गो को घर बैठा चुकी है और युवाओं को अधिक महत्व देकर संगठनात्मक ताकत बढा रही है तो कांग्रेस युवाओं को दरकिनार कर रही है । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की कमान कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह पर है युवा नेतृत्व उपेक्षित है और उनकी नेतृत्व क्षमता का कांग्रेस उपयोग ही नही करना चाहती ।



