Chhindwara 02 March 2025
छिंदवाड़ा यशो:- सदियों पूर्व सम्राट अशोक द्वारा स्थापित विश्व के बौधों का प्रमुख तीर्थ एवं आस्थास्थल बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार पर बौद्धों का नहीं बल्कि हिन्दू ब्राह्मण पुजारियों का कब्जा होना सारे विश्व में कौतूहल का विषय है। भारत में कहीं पर भी,किसी भी आस्थास्थल में गैर धर्मावलंबियों का कब्जा नहीं है,फिर बौद्ध विहार में हिंदुओं का कब्जा क्यूं ? दरअसल इस विहार में विश्व के सभी प्रमुख राष्ट्रों द्वारा अरबों का दान आता है,उसी को हडपने के लिए यह सरकार की मौन स्वीकृति से यह साजिशें जारी है।
भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश लोखंडे ने बताया कि, महाबोधि विहार मुक्ति हेतु विहार परिसर में शांतिपूर्ण आंदोलनरत भिक्षुओं को बिहार सरकार ने बर्बरता पूर्वक आधी रात को खदेडा,यह अमानवीय कृत्य अम्बेडकरी व बौद्धजन कभी बर्दास्त नहीं कर सकते। जिसके निषेधार्थ छिंदवाड़ा जिले के तमाम अम्बेडकरी व बौद्ध संगठन अम्बेडकर तिराहा पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रैली के रूप में महामहिम राष्ट्र्रपति के नाम कलेक्टर छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपा।
बौद्धगया में हो रहे आंदोलन के समर्थन में पटपड़ा के उपासक बौद्ध
परासिया:- आज छिन्दवाड़ा स्थित डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर की प्रतिमा स्थल पर पटपड़ा तहसील परासिया के उपासक बौद्ध अनुयायी उपस्थित हुए ,जिन्होंने बौद्ध गया विहार में स्थित तथागत बुद्ध से संबंधित बौद्ध विहार बौद्ध गया में हो रहे भिक्षुओं के द्वारा किए जा रहे आंदोलन के समर्थन में जिला स्तर पर हुए प्रदर्शन में सम्मिलित होकर विरोध प्रकट करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें यह माँग की गयी कि विहार में स्थित बौद्धगया में जो सम्राट अशोक के द्वारा जो विहार निर्माण कराया गया उस विहार बौद्धिस्ट को सौंपा जाए । पटपड़ा से ज्ञापन देने मोहन मेश्राम ,अनिल निकोसे , ताराचंद मेश्राम , शिव निकोसे ,लोकेस अहिरवार एवं बड़ी संख्या में उपासक सम्मिलित हुए।



