क्राइमदेश विदेश

पच्चीस हजार शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त

सिवनी यशो: – सरकार में आते ही 25 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती मनमाने तरीके से की गई थी पश्चिम बंगाल सरकार में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के कार्यकाल में हुए महाघोटाले पर कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार को शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के बाद साल 2016 में स्कूल सेवा आयोग की ओर से चुने गए क़रीब 25 757  शिक्षकों और गै़र-शिक्षण कर्मचारियों को नौकरियों से हटा दिया।

अदालत ने उस साल की पूरी भर्ती प्रक्रिया ही रद्द कर दी है ।इससे अपनी मेरिट के बल पर नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों में भारी हताशा और नाराज़गी है।

कोर्ट ने ये भी कहा है कि 2016 के नियुक्ति पैनल की मियाद ख़त्म होने के बाद जिन लोगों को नौकरी मिली उन्हें 12 फ़ीसदी सूद के साथ पैसे सरकार को लौटाने होंगे।

2014 में टीएमसी (tmc) के पार्थ चटर्जी बंगाल के शिक्षा मंत्री थे….साल 2014 में पश्चिम बंगाल (west bengal) के स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने टीचर्स भर्ती का नोटिफिकेशन जारी की….औऱ इस नोटिफिकेशन के बाद ठीक 2 साल बाद यानी कि 2016 में भर्ती प्रक्रिया को पूरा भी किया गया।

शिक्षकों की हुई. भर्ती में व्यापक अनियमिताएं होने की शिकायतें थी अनेक प्रकार की अनियमिताओं के परीक्षण के पश्चात कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी नियुक्तियों को निरस्त कर दिया है। साथ ही नियुक्ति पैनल की अवधि समाप्त होने के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को ब्याज सहित पैसा सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया है।

हालांकि बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की बात कही. है और निर्णय को राजनीति से प्रेरित बताया है।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!