सिवनी यशो:- भारतीय जनता पार्टी के पास सिर्फ और सिर्फ गरीबो प्रताडि़त करने के लिए कानून सूझते है, नोट बंदी, जीएसटी, तीन कृषि कानून अब प्रति दिन जोखिम उठाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले वाहन चालकों के लिए भाजपा सरकार ने कठोर कानून बनाया है दुर्घटना पर 7 साल की जेल और 10 लाख का जुर्माना ड्राईवर को भरना पड़ेगा।
भाजपा के कानून दाउदइब्राहिम, विजय माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी, बलात्कारी सेंगर, देश का नाम रोशन करने वाली महिला पहलवानों को प्रताडि़त करने वाले ब्रजभूषण, किसानों को अपनी गाड़ी से कुचलने वाले अजय मिश्रा टेनी, भाजपा आईटी सेल के बलात्कारी कुणाल पाण्डे, सक्षम पटेल, अभिषेक चैहान बीएचयू परिसर के अंदर गैगरेप करने वाले एवं बड़े-बड़े भ्रष्टाचार में लिप्त मुकुल राय, हेमंत विश्व सरमा, अजीत पवार जैसे अपराधियों के लिए कहॉ खो जाते है। उन्हें भाजपा सरकार ने पूरी छूट देकर रखी है कि विदेश में जाकर ऐश-आराम का जीवन जीये। जान-जोखिम में डालकर बहुत ही कम वेतन पर परिवार का पालन पोषण करने वाले वाहन चालको के लिए हिट एण्ड रन मामले में इतना कठोर कानून बनाना न्याय संगत नही है कोई भी वाहन चालक जानबूझकर चीटी भी मारना नही चाहता दुर्घटना होने पर सबसे ज्यादा जान का खतरा वाहन चालक होता है वाहन चालक दुर्घटना में या तो हाथ पैर गवा देता है या जान से चला जाता है, यदि दुर्घटना से बच जाता है तो वहा उपस्थित आक्रोशित भीड़ वाहन चालक की जान लेने पर उतारू हो जाती है ऐसी परिस्थिती में मरन वाहन चालक की ही है। भाजपा सरकार को इस बात की जरा भी परवाह नहीं की दुर्घटना के बाद वाहन चालक के परिवार उसका ईलाज या अपने परिवार का भरण पोषण किस प्रकार करेंगे। वाहन दुर्घटनाओं में वाहन चालक, वाहन मालक बीमा इस लिए कराते है ताकि दुर्घटना होने पर बीमें की भरपाई बीमा कम्पनी करें। सरकार को कानून बनाना ही था तो बीमा कम्पनी को राशि बढ़ाने का आदेश करती, सड़को की मरम्मत का कार्य करती, वाहन चालको की दुर्घटना पर मृत्यु होने पर बीमा राशि बढ़ाती। भाजपा सरकार कोई भी कानून गरीबो को प्रताडि़त कर धनवानों को राहत देने वाला बना रही है।
जिस तरह वाहन चालको के लिए नया कानून लाया गया है उस कानून के चलते अनेक वाहन चालक वाहन चलाना छोड़ देगे, 2 करोड़ प्रति वर्ष रोजगार देने का वादा कर भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है रोजगार देना तो दूर की बात, लगातार लोगो के लगे हुये रोजगार छीनने का काम किया जा रहा है। वाहन चालक आज भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये के कारण सड़को पर आंदोलन करने को मजबूर है। अभी से पेट्रोल, डीजल, सब्जी को लेकर देश में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया है। यदि सरकार ने यह काला कानून वापस नही लिया तो लम्बे समय तक देश में वाहनों के पहिये थमे रह सकते है जिसका खामियाजा देश के आम लोगो को उठाना पड़ेगा। देश की सत्ता में तानाशाह बैठे हुये है उन्हें आम लोगो की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस पार्टी-भाजपा सरकार द्वारा देश के वाहन चालको पर थोपे गये काले कानून की घोर निंदा करती है और मांग करती है कि वाहन चालको के हित में काले कानून को तत्काल वापस ले।



