छिंदवाड़ा में विकास की समीक्षा बैठक: “पेयजल समस्या का स्थायी समाधान जरूरी” — प्रभारी मंत्री राकेश सिंह का सख्त संदेश
जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में गेहूं उपार्जन, ई-टोकन और जल संकट पर विस्तृत समीक्षा
छिंदवाड़ा पेयजल समस्या समाधान जरूरी
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पेयजल समस्या का हर हाल में स्थायी समाधान हो” — राकेश सिंह
छिंदवाड़ा यशो:- जिले की विकास योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा के लिए कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री Rakesh Singh ने की। इस दौरान छिंदवाड़ा सांसद Bunti Vivek Sahu सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मंशा के अनुरूप जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गेहूं उपार्जन और ई-टोकन व्यवस्था पर सख्ती
बैठक में सबसे पहले गेहूं उपार्जन और ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा की गई। मंत्री राकेश सिंह ने निर्देश दिए कि किसानों को उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि स्लॉट बुकिंग या खाद वितरण में सर्वर समस्या आती है तो उसे तुरंत राज्य स्तर पर समन्वय कर ठीक किया जाए। साथ ही किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और खाद की उपलब्धता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
जिले में 84 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीदी की जा रही है, जिनमें अब तक हजारों किसानों से उपज का उपार्जन किया जा चुका है।
“पेयजल संकट पर अब स्थायी समाधान जरूरी” — प्रभारी मंत्री
बैठक का सबसे अहम मुद्दा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति रहा। प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने सख्त शब्दों में कहा कि अब केवल अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि—
- नल-जल योजनाएं नियमित रूप से सुचारू रहें
- सभी बोरवेल की स्थिति की समीक्षा की जाए
- पेयजल कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे
- शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए
- ग्रामीण क्षेत्रों से फीडबैक लेकर सुधार किया जाए
मंत्री ने यह भी कहा कि यह रिकॉर्ड भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी होगा।
शहरी क्षेत्रों में जल संकट पर नाराजगी
शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। नगर निगम छिंदवाड़ा सहित चौरई, जुन्नारदेव और परासिया में हाल के दिनों में उत्पन्न जल संकट पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को संभावित समस्याओं की पहले से जानकारी रहती है, ऐसे में तैयारी पहले से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्या आने के बाद समाधान नहीं, बल्कि पहले से समाधान की योजना तैयार होनी चाहिए।
अमृत 2.0 और निर्माण कार्यों पर सख्त निर्देश
अमृत 2.0 योजना के कार्यों में देरी और लापरवाही पर भी मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।



