पाल-गड़रिया समाज के लिए CM मोहन का बड़ा ऐलान: जल्द बनेगा बोर्ड, बोले- समाज को मिलेगा समुचित प्रतिनिधित्व
भोपाल के रवींद्र भवन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ पुण्य स्मृति समारोह | सीएम ने लोकमाता को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द बनेगा बोर्ड
Bhopal 13 August 2026
भोपाल यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 13 अगस्त को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित पुण्य स्मृति समारोह में पाल-गड़रिया समाज के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन करेगी, ताकि समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके और उनके कल्याण से जुड़े कार्यों को और गति दी जा सके।

CM मोहन यादव ने पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड की घोषणा कीयह कार्यक्रम पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों को उनकी पुण्य स्मृति दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
लोकमाता अहिल्याबाई ने स्थापित किए सुशासन के प्रतिमान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा की ऐसी महान शासिका थीं, जिनके व्यक्तित्व और कृतित्व से मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरा देश गौरवान्वित होता है।

CM मोहन यादव ने पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड की घोषणा कीउन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासनकाल में सुशासन, न्याय, सेवा और लोककल्याण के ऐसे प्रतिमान स्थापित किए, जो आज भी समाज और शासन के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका जीवन जनसेवा, त्याग, साधना और न्यायप्रियता का अनुपम उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों और उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ा रही है। उनके जीवन के प्रत्येक पक्ष को ध्यान में रखते हुए सेवा, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में निरंतर काम किया जा रहा है।

CM मोहन यादव ने पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड की घोषणा कीराजवाड़ा में कैबिनेट बैठक कर किया था स्मरण
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आयोजित कर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का स्मरण किया था। उन्होंने कहा कि लोकमाता केवल एक शासिका नहीं थीं, बल्कि वे सुशासन और जनकल्याण की प्रतिमूर्ति थीं।
उनके शासन में आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाती थी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जाता था। यही कारण है कि आज भी देवी अहिल्याबाई का नाम देश के महानतम शासकों में सम्मान के साथ लिया जाता है।
सरकार का फोकस ‘समत्व’ पर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस समत्व, यानी सभी के लिए समान अवसर और सम्मान पर है। इसी भावना के अनुरूप अलग-अलग समाजों की आवश्यकताओं और उनके विकास से जुड़े विषयों पर काम किया जा रहा है।
पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द बनेगा बोर्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाल-गड़रिया समाज गोपाल कृष्ण के वंशज हैं। समाज की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन करेगी।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के गठन से समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व मिलेगा और समाज के कल्याण से जुड़े कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार पाल-गड़रिया समाज के सुख-दुख और कल्याण के लिए सदैव तत्पर है।
दूध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की आर्थिक समृद्धि में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन तथा पशुपालन को प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन को मजबूत करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में परिवारों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार का प्रयास है कि पशुपालकों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस क्षेत्र को और मजबूत बनाया जाए।
अहिल्याबाई के आदर्शों से आगे बढ़ेगा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन आज भी जनप्रतिनिधियों और समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने जिस तरह न्याय, सेवा, धर्म, संस्कृति और जनकल्याण को शासन का आधार बनाया, वह आज भी अनुकरणीय है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लोकमाता के आदर्शों को आत्मसात करते हुए प्रदेश को विकास, सुशासन, सामाजिक समरसता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके शासन और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
यह भी पढ़े :-
“भोपाल में तिरंगे का महासैलाब! नाव पर सवार हुए CM मोहन यादव, जल-थल-नभ में गूंजा ‘भारत माता की जय’”
1 करोड़ से ज्यादा के 501 गुम मोबाइल बरामद, रक्षाबंधन से पहले पुलिस ने लौटाई खुशी
NH-44 पर चाकू लहराकर दहशत फैलाने वालों पर शिकंजा, वायरल VIDEO से 2 युवक गिरफ्तार
https://xn--11b3cgab9b4bm5d.xn--h2brj9c/hi/campaigns/har-ghar-tiranga/?page=0



