पदाधिकारियों की घोषणा में देरी बनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का कारण, भाजपा संगठन पर उठे सवाल
गोविंद चौरसिया का राजनीतिक विश्लेषण: दतिया उपचुनाव के बाद संगठनात्मक फैसलों में विलंब भविष्य की चुनावी चुनौती बन सकता है
छिंदवाड़ा भाजपा पदाधिकारियों की घोषणा में देरी पर उठे सवाल
Chhindwara 04 August 2026
छिंदवाड़ा यशो:- दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार को लेकर राजनीतिक हलकों में मंथन जारी है। इस बीच वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक गोविंद चौरसिया ने संगठनात्मक नियुक्तियों में हो रही देरी को कार्यकर्ताओं की नाराजगी का प्रमुख कारण बताया है।
उनका कहना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर संगठन को समय रहते निर्णय लेने होंगे।
चौरसिया का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल की ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। कार्यकर्ता पार्टी से इस उम्मीद के साथ जुड़ता है कि उसे संगठन में जिम्मेदारी और सम्मान मिलेगा।
यदि लंबे समय तक पदाधिकारियों की नियुक्तियां लंबित रहती हैं तो कार्यकर्ताओं में असंतोष स्वाभाविक रूप से बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिला भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों में अपेक्षा से अधिक विलंब हो रहा है। उनके अनुसार जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के पदभार संभालने के काफी समय बाद भी जिला कार्यकारिणी पूरी तरह गठित नहीं हो सकी है।
जिला उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री तथा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां अब तक लंबित हैं, जबकि प्रदेश के कई अन्य जिलों में इन पदों पर घोषणा हो चुकी है।
गोविंद चौरसिया ने दावा किया कि जिले में संगठन और सत्ता के बीच समन्वय की कमी दिखाई दे रही है, जिसके चलते निर्णय लेने में देरी हो रही है। उनका कहना है कि इस स्थिति का असर कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ रहा है और यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका प्रभाव आगामी नगरीय निकाय चुनावों सहित भविष्य के चुनावों में देखने को मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि छिंदवाड़ा-पांढुर्ना क्षेत्र में भाजपा का कोई विधायक नहीं है, जिससे संगठनात्मक चुनौतियां और बढ़ गई हैं। वहीं अमरवाड़ा से भाजपा में आए विधायक को अब तक मंत्री नहीं बनाए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
चौरसिया के अनुसार यदि संगठनात्मक नियुक्तियों में शीघ्र निर्णय नहीं लिए गए और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं की गई तो इसका राजनीतिक नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस अपने पूर्व नेताओं से संपर्क बनाए हुए है और यदि दल-बदल की स्थिति बनी तो भाजपा के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।
नोट: यह समाचार गोविंद चौरसिया द्वारा व्यक्त राजनीतिक विश्लेषण और दावों पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार उनके व्यक्तिगत हैं।
यह भी पढ़े :-
श्रावण के प्रथम सोमवार से धर्मनगरी सिवनी में गूंजेगी शिवमहापुराण कथा, आज निकलेगी भव्य कलश शोभायात्रा
“सावन आया, शिवमय हुआ सिवनी: मठ मंदिर से दिघौरी तक गूंजेगा हर-हर महादेव”
https://www.facebook.com/100063824119866/posts/%E0%A4%AD%E0%


