भाजपा ने मनाया स्थापना दिवस
Chhindwara 06 April 2025
छिंदवाड़ा यशो:- भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने पार्टी के स्थापना दिवस पर रविवार को जिला कार्यालय में भारत माता एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं.दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर पार्टी का ध्वज फहराया। जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर बधाई दी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को बधाइयां दी।
जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने जिले के नागरिकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के परिश्रम से भारतीय जनता पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
साकार हो रहा अटलजी का सपना
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी के लिए ऐतिहासिक दिन है। जनसंघ के बाद 1980 में 6 अप्रैल को ही स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। मुंबई में पार्टी के पहले अधिवेशन को संबोधित करते हुए स्व. अटलजी ने कहा था कि अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा के नेतृत्व में स्व. अटलजी का यह सपना साकार हो रहा है। देश के हर क्षेत्र में कमल खिला है। पंच-सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक भाजपा के नेता हैं। करोड़ों कार्यकर्ताओं की मेहनत से आज भारतीय जनता पार्टी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन गई है।
इस अवसर पर महापौर विक्रम अहाके, भाजपा स्थापना दिवस के जिला संयोजक संजय पटेल, सहसंयोजक श्रीमती गरिमा दामोदर, जिला उपाध्यक्ष दारा जुनेजा, दिवाकर सदारंग, जितेन्द्र शाह, अलकेश लाम्बा, संदीप सिंह चौहान, भाजपा नेता विजय पांडे, अजय सक्सेना, दीपक कोल्हे, अंकुर शुक्ला, श्रीमती लीला बजोलिया, पार्षद, राहुल बंटी उईके, संजीव रंगू यादव, भूरा भावरकर, पं. रामशर्मा, जगदीश गोदरे, लोकेश डेहरिया, भारत घई, माईकल पहाड़े, प्रतीक दामोदर, डॉ. कृष्णा हरजानी, मनोज चौरे, दिन्शु यादव, भारती जैन, ममता डोंगरे, निशा गोस्वामी, फुलेश सूर्यवंशी, राजकुमार गोनेकर, अजहर खान, मनोज मंडराह सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



