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धर्मविचारसिवनी

good morning thoughts : दूसरों की राय

स्वयं के सम्बन्ध में दूसरों की दृष्टि , दूसरों की राय का कुछ भी महत्व नहीं है, क्योंकि दूसरों के अपने निजी निहित स्वार्थ है, उनके अपने चश्मे है, वे अपने चश्मों से देखेंगे ,और प्रत्येक आदमी का चश्मा भिन्न है, इसलिए ये कतई महत्वपूर्ण नहीं कि दूसरे मेरे बारे में क्या सोचते है, कि मैं दूसरों की दृष्टि में क्या हूँ , यह क़तई महत्वपूर्ण नहीं है,
महत्वपूर्ण तो यह है कि  मैं अपनी स्वयं की दृष्टि में क्या हूँ।यदि मैं अपनी स्वयं की दृष्टि में ठीक हूँ तो दूसरों की दृष्टि की, उनकी राय की कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं।और स्वयं की दृष्टि में , मैं जैसा भी हूँ अच्छा कि बुरा , उसका सहज स्वीकार ही जीवन को रूपांतरित करने की दिशा में रखा गया पहला क़दम है । ऐसा जानने से ही रूपान्तरण आरम्भ हो गया।

Dainikyashonnati

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