हनुमान चौक जल निकासी कार्य युद्धस्तर पर जारी, ₹2.50 करोड़ की परियोजना से मिलेगा स्थायी समाधान: भारती ठाकुर
स्वच्छता प्रहरियों को नालों में उतरने की नौबत न आने दें, पॉलीथिन छोड़ जिम्मेदारी निभाएं; नगर पालिका की नागरिकों से अपील
बालाघाट जल निकासी परियोजना – हनुमान चौक में 2.50 करोड़ की जल निकासी परियोजना, नगर पालिका का स्वच्छता अभियान तेज
Balaghat 26 June 2026
बालाघाट यशो:- नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा वर्षा ऋतु से पूर्व शहरभर में स्वच्छता महाअभियान एवं जल निकासी सुधार अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। प्रमुख नालों और नालियों की मशीनों से सफाई की जा रही है, वहीं वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे हनुमान चौक क्षेत्र में लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का कार्य तेजी से जारी है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि पोकलेन और जेसीबी मशीनों की सहायता से वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 10, 24, 29 एवं 32 सहित रेलवे लाइन के आसपास के प्रमुख नालों और बड़े जल निकासी मार्गों की सफाई की जा रही है। अभियान की निगरानी नगर पालिका के अधिकारी, सभापति एवं पार्षद कर रहे हैं, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।
नालों से निकला भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा
सफाई के दौरान नालों से बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें, गाद और अन्य ठोस अपशिष्ट निकाले गए। विशेष रूप से हनुमान चौक क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे और अवरोधों के कारण जल निकासी गंभीर रूप से प्रभावित मिली। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण, नालियों में कचरा फेंकना तथा निर्माण सामग्री को नालियों और सड़कों पर रखना भी जलभराव के प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण के दौरान रेत, गिट्टी एवं अन्य सामग्री इस प्रकार रखें जिससे नालियों का प्रवाह और यातायात बाधित न हो।
निर्माण कार्य के कारण अस्थायी असुविधा, लेकिन मिलेगा स्थायी समाधान
बारिश के दौरान हनुमान चौक में निर्माण कार्य जारी रहने से कुछ समय के लिए नागरिकों को आवागमन में परेशानी हुई। इस पर श्रीमती ठाकुर ने कहा कि बड़े सार्वजनिक निर्माण कार्यों में कुछ समय की असुविधा स्वाभाविक है, लेकिन इसका उद्देश्य वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद ने इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कार्य में देरी करने पर संबंधित ठेकेदार पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। परिषद ने जनहित को देखते हुए निविदा निरस्त करने के बजाय कार्य को शीघ्र पूरा कराने का निर्णय लिया, ताकि वर्षाकाल में नागरिकों को और अधिक परेशानी न उठानी पड़े।
पुरानी जल निकासी व्यवस्था मिली बंद
निरीक्षण के दौरान अंबेडकर चौक से हनुमान चौक तक गोंदिया रोड पर बनी अधिकांश पुरानी क्रॉस ड्रेनेज लाइनें बंद मिलीं। नगर पालिका ने दमाहे डेयरी के सामने स्थित पहली क्रॉसिंग को पुनः खोल दिया है। वहीं कंकरमुंजारे निवास के सामने खुदाई में ईंटों से बना पुराना नाला और लोहे की जाली मिलने से यह स्पष्ट हुआ कि पूर्व में यहां प्रभावी जल निकासी व्यवस्था थी, जो समय के साथ बंद हो गई।
इस वर्ष कुछ स्थानों पर जलभराव संभव
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष भी कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है क्योंकि हनुमान चौक परियोजना के कुछ महत्वपूर्ण कार्य अभी निर्माणाधीन हैं। एम.एल.बी. स्कूल के सामने नाला निर्माण, प्रेमनगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था तथा मुख्य मार्ग से वर्षा जल को इतवारीगंज की ओर मोड़ने वाली क्रॉस ड्रेनेज संरचना का कार्य पूरा होने के बाद ही स्थायी समाधान संभव होगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
श्रीमती ठाकुर ने नागरिकों एवं व्यापारियों से पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कचरा नालियों में न फेंकने तथा नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहन में ही देने की अपील की। उन्होंने नालों पर अतिक्रमण नहीं करने और निर्माण सामग्री सड़क अथवा नालियों पर न रखने का आग्रह भी किया।
उन्होंने कहा कि कई बार स्वच्छता प्रहरियों को जोखिम उठाकर नालों में उतरकर सफाई करनी पड़ती है। “स्वच्छता प्रहरियों को नालों में उतरने की नौबत न आए, यह केवल नगर पालिका नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
स्थल निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने हनुमान चौक सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे नाला निर्माण एवं स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने, वर्षा के दौरान जल निकासी सुचारु रखने तथा नागरिकों को होने वाली असुविधा न्यूनतम करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, सभापति कमलेश पांछे, वकील वाधवा, मनीष नेमा, संगीता खगेश कावरे, संगीता छोटू थापा सहित संबंधित पार्षद, इंजीनियर एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि कुछ दिनों की अस्थायी असुविधा के बाद वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा और नागरिकों के सहयोग से स्वच्छ, सुंदर एवं जलभराव मुक्त बालाघाट का निर्माण किया जाएगा।



