सिवनीमध्यप्रदेश

छात्रावास में छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत पर कलेक्टर नेहा मीना सख्त, तत्काल निराकरण के निर्देश

घंसौर के कहानी आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण; पेयजल, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच, एक सप्ताह में मरम्मत कार्य पूरे कराने के निर्देश

सिवनी: छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर कलेक्टर नेहा मीना सख्त

Seoni, 16 October 2026
सिवनी यशो:- आदिवासी छात्राओं को छात्रावास में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शुक्रवार को घंसौर विकासखंड के कहानी आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत भी की, जिस पर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों की तत्काल जांच कर पात्र छात्राओं को नियमानुसार छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

घंसौर के कहानी आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास का निरीक्षण करतीं कलेक्टर नेहा मीना
कलेक्टर नेहा मीना ने कहानी आदिवासी कन्या छात्रावास में सुविधाओं का जायजा लेकर छात्राओं से संवाद किया।

कलेक्टर ने छात्रावास के विभिन्न कक्षों, रसोईघर, भोजन व्यवस्था, पेयजल सुविधाओं और परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं को प्रतिदिन दिए जाने वाले भोजन के निर्धारित मेनू की जानकारी लेते हुए भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और समय पर उपलब्धता के संबंध में भी पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को बुनियादी सुविधाओं के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए।

पेयजल की गुणवत्ता जांचने और मरम्मत के निर्देश

कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए पानी की टंकी की साफ-सफाई और पानी की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने टंकी की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा आरओ के टीडीएस की नियमित अंतराल पर जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

छात्रावास में जालियों, रंग-रोगन, पंखों और विद्युत लाइटों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। जहां सुधार और मरम्मत की आवश्यकता है, वहां संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

छात्राओं से सीधे संवाद, पढ़ाई और सुरक्षा पर लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी दिनचर्या, विद्यालय आने-जाने की व्यवस्था और पढ़ाई के लिए उपलब्ध समय के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और पदस्थ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी छात्राओं से विस्तार से चर्चा की।

कलेक्टर ने छात्राओं से उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानने के साथ विद्यालय एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छात्राओं की बातों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर श्रीमती मीना ने छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यकता पड़ने पर उपचार की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्राओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और कमियों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। उनकी सुविधा से जुड़ी किसी भी कमी को दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह एवं एसडीएम श्री बिसन सिंह उपस्थित रहे।

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