नवरात्रि पर 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे ₹1834 करोड़, गैस सब्सिडी के लिए भी मिले ₹115.10 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया से जारी की 41वीं किस्त, ₹144 करोड़ के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन; सांदीपनि विद्यालय, सिविल अस्पताल और नई तहसील की घोषणाएं
भोपाल/उमरिया। नवरात्रि के पावन पर्व पर मध्यप्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के चेहरे आर्थिक सहायता की सौगात से खिल उठे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के गुरुवाही ग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन से सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त के रूप में ₹1834 करोड़ की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की। इसके साथ ही गैस सिलेंडर रिफिल अनुदान योजना के तहत 23 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों के खातों में ₹115.10 करोड़ की राशि भेजी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उमरिया जिले के समग्र विकास को गति देते हुए कुल ₹144 करोड़ की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इनमें ₹87 करोड़ के 68 कार्यों का लोकार्पण और ₹57 करोड़ की लागत के 68 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
हर माह ₹1500 की सहायता, अब तक 41 किस्तों का भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर माह ₹1500 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जून 2023 में योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41 किस्तों का भुगतान किया जा चुका है और कुल ₹62 हजार करोड़ से अधिक की राशि बहनों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंचे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,882.81 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
गैस रिफिल के लिए 23 लाख से अधिक महिलाओं को राहत
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों तथा अन्य पात्र लाड़ली बहनों को ₹450 की दर से गैस सिलेंडर रिफिल अनुदान उपलब्ध कराने के लिए ₹115.10 करोड़ की राशि अंतरित की गई। सरकार के अनुसार, गैस रिफिल अनुदान के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में महिलाओं को लगभग ₹1600 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में लगभग 65 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये महिलाएं रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिला उद्यमिता, रोजगार आधारित उद्योगों और आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उमरिया को सांदीपनि विद्यालय की सौगात
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर उमरिया में सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाओं के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
इसके अलावा मानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाने तथा वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की घोषणा की गई। अमरपुर को तहसील के रूप में विकसित करने और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की बात भी कही गई।
गांव-गांव सरकारी बसें चलाने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों में सरकारी बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं हर क्षेत्र तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
विंध्य क्षेत्र में लंबे समय से लंबित स्लीमनाबाद टनल परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके पूर्ण होने से क्षेत्र को सिंचाई सहित विभिन्न विकास कार्यों में लाभ मिलेगा। उमरिया और आसपास के जिलों में कृषि, उद्योग तथा पर्यटन की संभावनाओं को भी इससे नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जनजातीय क्षेत्रों में होम स्टे के लिए ₹3 लाख तक सहायता
पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार से जोड़ने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में होम स्टे योजना को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिवार अपने मकान में पर्यटकों के ठहरने के लिए एक-दो कमरे तैयार कर होम स्टे शुरू करना चाहते हैं, तो पंजीयन और निर्धारित नियमों के अनुसार उन्हें ₹3 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान सहित उमरिया, शहडोल और अनूपपुर का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पर्यटन गतिविधियों का विस्तार स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकता है।
वन्यजीव संरक्षण के साथ प्रभावित परिवारों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की भावना से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में चीतों की आबादी बढ़ रही है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में जंगली भैंसों को बसाने तथा बांधवगढ़ क्षेत्र में हाथियों के संरक्षण का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में प्रभावित परिवारों की सहायता करना भी उतना ही जरूरी है। बाघ या हाथी से संबंधित दुर्घटना में मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी आवश्यक प्रयास कर रही है।
गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार या घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को जबलपुर, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सकता है। पात्र आयुष्मान हितग्राहियों को ₹5 लाख तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। एयर एंबुलेंस और बड़े अस्पतालों में भर्ती से संबंधित सहायता निर्धारित पात्रता एवं नियमों के अनुसार दी जाएगी।
उन्होंने राहवीर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को भी प्रोत्साहन राशि देकर लोगों को जीवन बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गोपालन, दुग्ध उत्पादन और खेती-किसानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोपालन और पशुपालन को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत अनुदान दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत 25 गाय खरीदने पर ₹10 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया।
उन्होंने कहा कि उमरिया और आसपास के आदिवासी अंचलों में खेती-किसानी, दुग्ध उत्पादन, सिंचाई और उद्योगों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हों।
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर विकास की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों के अध्ययन और सुझावों के लिए आयोग का गठन किया गया है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगली जनगणना को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या आधारित विकास कार्यों के आकलन को फिलहाल स्थगित रखा गया है। वर्ष 2011 के बाद नई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण नगर परिषदों के गठन और अन्य विकास संबंधी निर्णयों के लिए अद्यतन तथा प्रमाणिक आंकड़ों की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का संकल्प विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण करना और संकट की हर घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना है।



