सिवनी में आयोजित बीएलओ सुपरवाइजर प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारी मार्गदर्शन देते हुए।[/caption]
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सी.एल. चनाप सिवनी में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित हुए। उन्होंने बीएलओ सुपरवाइजरों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी और आयोग की अपेक्षाओं से अवगत कराया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बीएलओ प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और
निर्वाचन आयोग के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कार्य करें।
श्री चनाप ने बताया कि-
आगामी 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक प्रत्येक बीएलओ अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं का गणना पत्रक तैयार करेंगे और
पिछले पुनरीक्षण से डाटा लिंकिंग कार्य पूरी सावधानी से करेंगे।
अपर कलेक्टर ने कहा कि -
मतदाता सूची के सत्यापन में विशेष सावधानी बरती जाए ताकि
कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र नाम सूची में न रहें।
मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को हटाने की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रपत्रों का संकलन,
सत्यापन और प्रविष्टि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य निर्धारित तिथियों पर पूरा होना चाहिए ताकि
जिले की मतदाता सूची अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।
https://hindi.eci.gov.in/
सिवनी में आयोजित बीएलओ सुपरवाइजर प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारी मार्गदर्शन देते हुए।[/caption]
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सी.एल. चनाप सिवनी में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित हुए। उन्होंने बीएलओ सुपरवाइजरों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी और आयोग की अपेक्षाओं से अवगत कराया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बीएलओ प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और
निर्वाचन आयोग के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कार्य करें।
श्री चनाप ने बताया कि-
आगामी 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक प्रत्येक बीएलओ अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं का गणना पत्रक तैयार करेंगे और
पिछले पुनरीक्षण से डाटा लिंकिंग कार्य पूरी सावधानी से करेंगे।
अपर कलेक्टर ने कहा कि -
मतदाता सूची के सत्यापन में विशेष सावधानी बरती जाए ताकि
कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र नाम सूची में न रहें।
मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को हटाने की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रपत्रों का संकलन,
सत्यापन और प्रविष्टि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य निर्धारित तिथियों पर पूरा होना चाहिए ताकि
जिले की मतदाता सूची अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।
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