राष्ट्रभक्ति और बंकिमचंद्र चटर्जी को समर्पित उत्सव — 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पर सिवनी में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन[/caption]
🇮🇳 सिवनी में राष्ट्रगीत की गूंज — भाजपा कार्यालय में हुआ सामूहिक गायन
सिवनी में इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन से किया गया। पूरे वातावरण में राष्ट्रभक्ति की भावना, ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना व्याप्त रही।🌺 मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक — मीना बिसेन
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने कहा — “150 वर्ष पूर्व बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत आजादी की अलख जगाने वाला और मां भारती के प्रति समर्पण का प्रतीक है। जब हम लौहपुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती मना रहे हैं, उसी कालखंड में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष हमें अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा दे रहे हैं।”✨ राष्ट्रगीत की गूंज में सिवनी हुआ गौरवान्वित
कार्यक्रम में विधायक दिनेश राय 'मुनमुनÓ, बरघाट विधायक कमल मर्सकोले, नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया, पूर्व सांसद ढालसिंह बिसेन, पूर्व विधायक नरेश दिवाकर पूर्व जिला अध्यक्ष सुजीत जैन, प्रेम तिवारी, भाजपा नेत्री श्रीमती गोमती ठाकुर,जिला महामंत्री गजनंद पंचेश्वर, अजय डागोरिया, पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक अशोक तेकाम सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला उईके, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वती जंघेला, श्रीमती नीतू दुबे, सुश्री रानी बघेल और बिंदु बघेल ने भी सक्रिय भागीदारी की। उत्तर मंडल अध्यक्ष युवराज सिंह और दक्षिण मंडल अध्यक्ष अभिषेक दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक राष्ट्रगीत गाया।💐 आयोजन में राष्ट्रभक्ति और एकता का भाव
कार्यक्रम के प्रभारी संजय सोनी, सह प्रभारी रुक्मणी सनोडिया और मयंक तिवारी के संयोजन में यह भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। सभी कार्यकर्ता तिरंगा धारण कर एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ गा रहे थे — जिससे सिवनी नगर देशभक्ति के रंग में रंग उठा।📜 बंकिमचंद्र चटर्जी की अमर रचना को नमन
‘वंदे मातरम्’ के रचयिता महर्षि बंकिमचंद्र चटर्जी की स्मृति में यह वर्ष राष्ट्र के आत्मगौरव, एकता और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक बनेगा। वक्ताओं ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के समय भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करने वाला था, और आज वही भावना पुनः जीवंत हो रही है। वंदे मातरम्! https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2187025