संदीपनी स्कूल कंडीपार - जनसुनवाई में कलेक्टर नेहा मीना की पहल, छात्र प्रिंस का स्कूल में तत्काल प्रवेश
Seoni, 28 July 2026 सिवनी यशो:- जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को एक परिवार के लिए उम्मीद और खुशी का माध्यम बन गई। स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से परेशान एक मां की गुहार पर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसका परिणाम यह रहा कि कुछ ही देर में उसके पुत्र का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हो गया और उसे शासन की ओर से निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध करा दी गईं।
[caption id="attachment_49288" align="alignnone" width="1024"]
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जनसुनवाई में त्वरित कार्रवाई कर छात्र प्रिंस का सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में प्रवेश सुनिश्चित कराया और निःशुल्क पुस्तकें भेंट कीं।[/caption]
जनसुनवाई में पहुंची श्रीमती संध्या मसराम ने कलेक्टर को बताया कि उनके पुत्र प्रिंस का विद्यालय में प्रवेश नहीं हो पा रहा है, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर निकटतम विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
कुछ ही देर में पूरी हुई प्रवेश प्रक्रिया
कलेक्टर के निर्देश मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में प्रिंस का कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित करा दिया। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने छात्र प्रिंस को शासन द्वारा प्रदाय की जाने वाली निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भेंट कीं।
उन्होंने प्रिंस को नियमित विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
मां के चेहरे पर लौटी मुस्कान
समस्या का त्वरित समाधान होने पर संध्या मसराम की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जनसुनवाई में उनकी समस्या का इतनी जल्दी समाधान हो जाएगा। विद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद वह अपने पुत्र के साथ खुशी-खुशी घर लौटीं।
जिला प्रशासन का जताया आभार
संध्या मसराम ने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना गया और कुछ ही समय में उनके बेटे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया गया।
उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए भरोसे का मंच बताते हुए जिला प्रशासन की संवेदनशील एवं मानवीय कार्यशैली की सराहना की।