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व्हीलचेयर पर बैठकर रचा सफलता का इतिहास: सिवनी के विजय बघेल बने सहकारिता निरीक्षक

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Jun 04, 2026 12:14 am / Post views : 120

व्हीलचेयर पर बैठकर रचा सफलता का इतिहास: सिवनी के विजय बघेल बने सहकारिता निरीक्षक
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विजय बघेल सहकारिता निरीक्षक - व्हीलचेयर पर बैठकर रचा सफलता का इतिहास

सिवनी यशो:- दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के बल पर असंभव दिखने वाली मंजिल भी हासिल की जा सकती है। इस बात को साकार कर दिखाया है सिवनी जिले के लुघरवाड़ा गांव निवासी विजय बघेल ने, जिनका चयन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) 2023 के माध्यम से सहकारिता निरीक्षक पद पर हुआ है। 32 वर्षीय विजय बघेल, राज्जन सिंह बघेल के पुत्र हैं। बचपन में वे एक सामान्य और मेधावी छात्र थे, लेकिन कक्षा तीसरी के बाद एक गंभीर बीमारी ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। धीरे-धीरे उनके शरीर में कई प्रकार की शारीरिक दिव्यांगताएं विकसित होने लगीं। परिस्थितियां कठिन थीं, लेकिन विजय ने हार मानने के बजाय संघर्ष को अपनी ताकत बना लिया।

नवोदय विद्यालय में चयन बना पहला बड़ा पड़ाव

बीमारी के बावजूद विजय ने कक्षा पांचवीं में नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और जवाहर नवोदय विद्यालय, कान्हीवाड़ा में प्रवेश प्राप्त किया। यह उनकी प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रारंभिक प्रमाण था। समय के साथ उनकी शारीरिक स्थिति और जटिल होती गई। कक्षा दसवीं तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। नवोदय विद्यालय से दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ग्राम जीरावारा से उच्च माध्यमिक एवं स्नातक शिक्षा प्राप्त की।

हर चुनौती के सामने अडिग रहा हौसला

शिक्षा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, संसाधनों की कमी, आवागमन की कठिनाइयां और सामाजिक चुनौतियां लगातार उनके सामने आती रहीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया और निरंतर मेहनत जारी रखी। विजय की सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट विश्वास और उनका स्वयं का अथक परिश्रम रहा। उन्होंने अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्व-अध्ययन के माध्यम से की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।

स्व-अध्ययन से हासिल की बड़ी सफलता

इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने कुछ संस्थानों से मार्गदर्शन लिया, लेकिन उनकी सफलता का मूल आधार स्वयं का परिश्रम, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास रहा। यही वजह है कि आज वे सहकारिता निरीक्षक के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों को देते हुए विजय बघेल कहते हैं— “लगातार प्रयास करते रहिए और कभी हार मत मानिए। यदि आप ईमानदारी से मेहनत करते रहेंगे तो सफलता एक दिन निश्चित रूप से मिलेगी।”

पूरे जिले के लिए बने प्रेरणा स्रोत

विजय बघेल की उपलब्धि केवल एक सरकारी नौकरी प्राप्त करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों, अभावों या असफलताओं से जूझ रहे हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि सफलता शरीर की ताकत से नहीं, बल्कि मन की दृढ़ता और निरंतर प्रयासों से प्राप्त होती है। विजय बघेल आज इस बात के जीवंत उदाहरण हैं कि संघर्ष जितना बड़ा होता है, सफलता उतनी ही शानदार होती है। https://mppsc.mp.gov.in/