ईमानदार स्व-सहायता समूहों को खरीफ उपज उपार्जन से वंचित न किया जाए : महिलाओं की मांग
श्रीमती मीना बिसेन को महिलाओं का आवेदन – कहा, उपार्जन की तैयारी पूरी, फिर भी नहीं मिला कार्य
Seoni 24 October 2025
सिवनी यशो:- भारतीय जनता पार्टी सिवनी की जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन को 23 अक्टूबर को जिले के अनेक महिला स्व-सहायता समूहों ने एक आवेदन सौंपते हुए निवेदन किया कि उन्हें खरीफ सीजन की धान उपज उपार्जन का कार्य प्रदान किया जाए।
समूहों ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप उन्होंने उपार्जन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ और संसाधन जुटा लिए हैं, किंतु रबी फसल की तरह यदि इस बार भी खरीफ उपज उपार्जन से वंचित रखा गया तो यह महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन योजनाओं पर विपरीत असर डालेगा।

🌾 समूहों ने उपार्जन हेतु खरीदी यह आवश्यक सामग्री
समूहों की महिलाओं ने बताया कि उन्होंने शासन की नीति के तहत खरीफ और रबी उपज उपार्जन के लिए निम्न सामग्री स्वयं की पूंजी से खरीदी है —
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तौल कांटा (डिजिटल व सामान्य)
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गोदाम व तिरपाल शीट
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मॉइस्चर मीटर व सैंपलिंग किट
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बोरी, रस्सी, सील, रजिस्टर व लेखा सामग्री
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उपज की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक कवर व रेत बोरी
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कृषक पंजीयन व भुगतान रजिस्टर हेतु कंप्यूटर व प्रिंटर
महिलाओं का कहना है कि इन सभी सामग्रियों की व्यवस्था सरकार की “महिला सशक्तिकरण नीति” के अनुरूप की गई थी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और कृषकों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधा दे सकें।
🧑🌾 “ईमानदारी से काम करने वाले समूहों को ही मिले अवसर”
महिला समूहों ने आवेदन में कहा कि —
“हमने पूर्व वर्षों में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ सरकार की मंशानुसार कार्य किया है। शासन की नीति अनुसार जो समूह उपार्जन में कुशल हैं और किसी प्रकार की अनियमितता में शामिल नहीं हैं, उन्हें वंचित न रखा जाए।”
महिलाओं ने यह भी बताया कि कुछ समितियों द्वारा पूर्व वर्षों में अनियमित उपार्जन किए जाने से शासन को आर्थिक हानि हुई थी।
ऐसे में एन.ओ.सी. (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के बिना किसी समिति को उपार्जन कार्य न दिया जाए,
ताकि योग्य व ईमानदार समूहों को ही अवसर मिले।
🪶 भाजपा ने महिलाओं की बात गंभीरता से सुनी
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन ने महिला समूहों की पीड़ा और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि —
“स्व-सहायता समूहों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी मेहनत और ईमानदारी को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर से चर्चा की है,
जिन्होंने संबंधित अधिकारियों को सहानुभूति पूर्वक विचार करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया है।
🌸 महिलाओं की अपील
महिला समूहों ने अंत में सरकार से अनुरोध किया कि —
“हमारी तैयारी पूर्ण है, उपार्जन सामग्री व संसाधन हमारे पास उपलब्ध हैं। अतः खरीफ उपज उपार्जन में हमें शामिल किया जाए, ताकि हम कृषकों की सेवा कर सकें और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान दे सकें।”



