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अमर शहीद कबीर उइके को नमन करने पुलपुलडोह पहुँचा मातृशक्ति संगठन…

शहीद की बेसुध हुई पत्नी लगातार अपने पति को कर रही है फोन..
शहीद की माँ ने कहा मेरा बेटा अब खेत की रखवाली करेगा नहीं भेजूंगी सरहद पर..

सिवनी यशो:- जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) कठुआ आतंकी हमले में शहीद (martyred in terrorist attack) हुए बिछुआ ग्राम पुलपुलडोह के निवासी CRPF के जवान कबीर उइके जी की शहादत की खबर मिलते ही संगठन उनके ग्रह ग्राम पुलपुलडोह पहुँचा।
जहाँ शहीद कबीर भाई का पार्थिव शरीर कश्मीर से उनके गाँव आ चुका था। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित भीड़ शहीद के अंतिम दर्शन को आतुर थी।
CRPF के IG गुरमीत सिंह सोडी ने संगठन को देखते ही जय हिंद कहा और अपने साथ पार्थिव शरीर के पास तक ले गए। उन्होंने कहा की संगठन का ये कदम शहीद परिवारों के साथ सरहद पर डटे जवानों के पक्ष में ठोस कदम है। संगठन शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उनके खेत तक गया जहाँ उन्हें दफनाया जाना था । राजकीय सम्मान (state honor) के साथ कबीर भाई को नम आँखों से सभी ने अंतिम विदाई दी। शहीद कबीर भाई के पिता शिवचरण उइके का बहुत पहले देहांत हो चुका है। घर में तीन छोटी बहनें एवं एक छोटे भाई हैं जो खेती देखते हैं। कबीर भाई के विवाह को 4 वर्ष हो चुके हैं वो पहली बार पिता बनने जा रहे थे । उनकी पत्नी 5 माह की गर्भवती हैं जो पूरी तरह बेसुध हैं घर में मोबाइल लेकर बैठी हैं और लगातार अपने शहीद पति को फोन कर रही हैं।


संगठन को देखते ही उन्होंने कहा कि दीदी आपके मोबाइल से उन्हें फोन करो मेरे मोबाइल से फोन नहीं लग रहा है।। रात को ही हम दोनों की बात हुई थी तो वो बोले थे कि बस 2 घण्टे की ड्यूटी में जा रहा हूँ ड्यूटी से आकर वीडियो कॉलिंग करूँगा । पत्नी को क्या पता था कि इन्हीं 2 घण्टों में उसकी दुनियां ही उजड़ जाएगी किंतु ईश्वर की मजऱ्ी के आगे सब कुछ नगण्य है। एक पत्नी ने अपना सुहाग भारत मां की गोद में न्योछावर कर दिया।माँ कहती हैं अब मेरा बेटा छोटे भाई के साथ खेत की रखवाली करेगा उसे अब ड्यूटी पर नहीं जाने दूंगी। एक मां से उसका सपूत छिन गया। जिस मां ने अपनी कोख से इसे वीर को जन्म दिया है, उस मां की तकलीफ कोई भी नही समझ सकता।
CRPF के IG गुरमीत सिंह सोडी एवं ष्ठढ्ढत्र नीतू सिंह ने संगठन से कहा कि उन्हें इस तरह के संगठन की आवश्यकता है वो जरूरत पडऩे पर संपर्क अवश्य करेंगे। पूर्व सैनिक संगठन छिंदवाड़ा (military organization chhindwara) ने भी संगठन से मुलाकात की और कहा कि वो हर हाल में संगठन के साथ हैं। ऐसे परिवार जिन्होंने आपने वीर पुत्रों, अपने पति , भाई को भारत मां की गोद में सौंप दिया है उनके लिए संगठन हमेशा उनके साथ खड़ा है। संगठन शहीद के आँगन की माटी को ससम्मान अपने साथ संजो कर लाया है।

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