
सिवनी यशो:- बरघाट पुलिस द्वारा हत्या के आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर भेजा गया जेल ।
दिनांक 14.06.24 को ग्राम बोरीकलों से एक महिला की ठोस वस्तु से मारपीट कर हत्या
करने की सूचना प्राप्त होने पर बरघाट पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर तस्दीक किया गया। जो मृतिका फूलवंता बाई कोसरे का शव मृतिका के मकान के कमरे में मिला जो मौके पर पुलिस द्वारा पंचनामा कार्यवाही के दौरान हत्या का अपराध होना पाये जाने से अपराध धारा 302, 201 ताहि.का कायम किया गया ।
घटना की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री राकेश कुमार सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जी. डी. शर्मा के द्वारा थाना प्रभारी बरघाट को त्वरित कार्यवाही करने
हेतु निर्देशित किया गया ।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री ललित गठरे के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी मोहनीश बैस
थाना बरघाट के द्वारा थाना स्तर पर पुलिस टीम गठित कर थाना प्रभारी बरघाट श्री मोहनीश बैस
के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा आरोपी की तलाश पतासाजी की गई जो संदेह के आधार पर
मृतिका फूलवंता बाई के नाती सचिन पिता कृष्णकुमार कोसरे उम्र 23 साल निवासी बोरीकला का जो मौके से फरार हो गया था जिसे पुलिस द्वारा अलग अलग टीम बनाकर घेराबंदी कर हिरासत मे लिया गया जिसने पूछताछ पर जुर्म करना स्वीकार किया एवं बताया कि दादी फूलवंता द्वारा मां को अपशब्दो का प्रयोग कर गाली देने के कारण आरोपी द्वारा कुल्हाडी से सिर मे मारकर हत्या करना
एवं कुल्हाडी को घर मे छिपा देना बताया । तथा जमीन पर गिरे मृतिका के खून को साफ कर देना
बताया । जो आरोपी सचिन कोसरे का कृत्य अपराध धारा का पाये जाने से आरोपी सचिन कोसरे को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है ।
नाम आरोपी – सचिन पिता कृष्णकुमार कोसरे उम्र 23 साल निवासी बोरीकलां थाना बरघाट
जिला सिवनी ।
नाम मृतिका – फूलंवता पति स्व. प्रेमलाल कोसरे उम्र 60 साल निवासी बोरीकला थाना बरघाट
सराहनीय कार्य – थाना प्रभारी निरीक्षक मोहनीश बैस, उनि. इंजनसिंह मर्सकोले,,प्र. आर. 372
अमर उइके, प्र.आर. 147 बालचंद घोरमारे, प्र.आर.466 ललता प्रसाद पटले, प्र.आर.310 प्रभुदयाल बिसेन, आर. 249 राजेन्द्र कटरे, आर. 726 प्रवीण ठाकरे आर. क्र. 593 मुकेश नवरेती, आर. 734 उलेश कटरे, आर. 575 नेपेन्द्र चौधरी, आर. 475 फय्याज, आर.461 विनोद भगत, आर. 370 उपेन्द्र नागभिरे१, आर. 491 लक्ष्मी चन्द्रवंशी, आर. 206 कमलेश एडे एवं डायल 100 चालक चैतराम पटले का विशेष योगदान रहा।





