प्राकृतिक खेती चौरई कार्यशाला - कम लागत में बढ़ेगा मुनाफा
Chhindwara 20 June 2026 छिंदवाड़ा यशो:- किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत चौरई में प्राकृतिक खेती विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके लाभ तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद बंटी विवेक साहू ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बताया।यह भी पढ़े :-मीना राहंगडाले ने संभाला भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष का पदभार, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती ऐसी पद्धति है, जिससे किसान कम लागत में स्वास्थ्यवर्धक एवं सुरक्षित खाद्यान्न का उत्पादन कर सकते हैं। साथ ही भूमि की गुणवत्ता और उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा किसानों की आय बढ़ाने की है।
किसानों की आय तभी बढ़ सकती है जब खेती की लागत कम हो और उत्पादन बेहतर हो। इसी उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दे रही हैं।उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि चौरई क्षेत्र सहित छिंदवाड़ा जिले के किसान तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। वर्तमान में जिले में लगभग 5000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है, जो कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।सांसद ने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है तथा किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध होता है।यह भी पढ़े :-किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाना जरूरी : सांसद विवेक बंटी साहूकार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा खेती की लागत कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने भी प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए इसे लाभकारी बताया।https://naturalfarming.dac.gov.in/NaturalFarming/