किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाना जरूरी : सांसद विवेक बंटी साहू
किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र छिंदवाड़ा में आयोजित हुई प्राकृतिक खेती कार्यशाला, किसानों को दी गई आधुनिक एवं कम लागत वाली खेती की जानकारी
प्राकृतिक खेती छिंदवाड़ा – प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय कार्यशाला में बोले सांसद विवेक बंटी साहू
Chhindwara 20 June 2026
छिंदवाड़ा यशो:- किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र छिंदवाड़ा में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके लाभ तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद विवेक बंटी साहू रहे। इस अवसर पर शेषराव यादव, नगर निगम महापौर विक्रम अहके, पूर्व विधायक नत्थन शाह कवरेती, अजय सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर हरेंद्र नारायन, कृषि विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा किसानों की आय में वृद्धि करना है। किसानों की आय तभी बढ़ेगी जब खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बेहतर होगा।
इसी उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के किसान तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं
और वर्तमान में जिले में लगभग 5000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता बन गई है। रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से किसानों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है, बल्कि सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्यान्न उत्पादन में भी सहायक होती है।
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उन्होंने किसानों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अन्य किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
महापौर विक्रम अहके एवं शेषराव यादव ने भी प्राकृतिक खेती को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि-
इससे खेती की लागत कम होती है और भूमि की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
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कार्यशाला के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों ने अपने अनुभव भी साझा किए। किसान राहुल वसूले एवं संजय गुप्ता ने बताया कि-
प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी उत्पादन लागत में कमी आई है, आय में वृद्धि हुई है तथा खेतों की उर्वरता में सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने अन्य किसानों से भी प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
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कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा इसके व्यावहारिक लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।



