क्राइममध्यप्रदेशसिवनी
दो डिप्टी रेंजर और हुये निलंबित, रेंजर और एसडीओ पर कार्यवाही की अनुशंसा
Seoni 05 February 2025
सिवनी यशो:- दक्षिण वन मंडल सिवनी के अंतर्गत आने वाले केवलारी परिक्षेत्र के दो डिप्टी रेंजर रामकिशोर उईके एवं बाबू लाल गढ़पाले को अवैध कटाई के लिये दोषी मानते हुये निलंबित कर दिया गया है । यहाँ बता दें कि इसके पूर्व तीन वन रक्षकों को निलंबित किया जा चुका है । सिवनी दक्षिण वन मंडल अधिकारी गौरव मिश्र ने जानकारी देते हुये बताया कि केवलारी परिक्षेत्र में अवैध कटाई की अभी तक हुई जाँच में पाया गया है कि विभागीय अमले की लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण परिक्षेत्र में बहुत अधिक मात्रा में अवैध कटाई हुई है । इसमें परिक्षेत्र से संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य प्रणाली संदिग्ध प्रतीत हो रही है । जाँच के आधार पर तीन वन रक्षक दो डिप्टी रेंजर को निलंबित किया गया है और उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजकर वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा सहायक वन मंडल अधिकारी पर कार्यवाही सुनिश्चित करने की अनुशंसा की गयी है ।
जानकारी के अनुसार शिकायतकत्र्ताओं द्वारा इस वन परिक्षेत्र के 07 बीटों की शिकायत की गयी थी अभी तक 06 बीटों की जाँच गठित जांच दल द्वारा की गयी है इस जाँच दल में भोपाल से पहुँचे जाँच अधिकारी सहित 11 सदस्यीय टीम है । इस वन परिक्षेत्र में 13 बीट है अभी तक जिन बीटों की जाँच की गयी है वहाँ अंधाधुंध अवैध कटाई होना पाया गया है । जाँच टीम के प्रतिवेदन पर तीन वनरक्षको पर जिम्मेदारी तय करते हुये उन्हें निलंबित कर दिया गया है ।
केवलारी परिक्षेत्र में अवैध कटाई की शिकायत पर प्रदेश के निर्देश पर जाँच टीम गठित की गयी है जिसमें भोपाल से डी सी एफ जितेन्द्र गुप्ता सिवनी के सहायक वन मंडल अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित बड़ी टीम को शामिल किया गया है । इस टीम के द्वारा आठ दिन पूर्व जांच प्रारंभ की गयी है । जाँच में पाया गया है कि वनों की सुरक्षा के लिये जिन्हें तैनात किया है, उन्होंने वनों की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया और प्रतीत होता है कि उन्हीं के संरक्षण में वन माफियों ने जंगल की अवैध कटाई को अंजाम दिया है । जानकारी के अनुसार अभी तक 150 से अधिक वृक्षों की अवैध कटाई की जा चुकी है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग के बड़े अधिकारी इस बात को आँफ रिकार्ड स्वीकार कर रहे है कि वनों की अवैध कटाई विभागीय अधिकारियों के संरक्षण मे ही हुई है और हो रही जाँच के दयारे वन परिक्षेत्र अधिकारी और सहायक वन मंडल अधिकारी भी है बताते है कि इनकी नौकरी भी खतरे में आ गयी है ।






