शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन गूंजा संदेश, मन बदलकर जाएं: विपिन बिहारी दास महाराज
Seoni 19 August 2026
सिवनी यशो:- पावन श्रावण मास की आध्यात्मिक बेला में सिवनी नगरी भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर है। सिवनी विधानसभा क्षेत्र में विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा आयोजित सात दिवसीय भव्य एवं दिव्य संगीतमय शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
कथा का वाचन सांवरे सरकार गौ पीठाधीश्वर परम पूज्य महंत श्री विपिन बिहारी दास जी महाराज के पावन सानिध्य एवं मुखारविंद से किया जा रहा है। कथा के दौरान महाराज जी ने भगवान शिव की भक्ति, सत्संग, जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और दिखावे से दूर रहकर ईश्वर के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
[caption id="attachment_50338" align="alignleft" width="300"] सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते महंत विपिन बिहारी दास महाराज।[/caption]
कथा सुनने नहीं, जीवन बदलने आएं
दूसरे दिन प्रवचन में महंत श्री विपिन बिहारी दास जी महाराज ने कहा कि धार्मिक कथा का उद्देश्य केवल कुछ घंटे बैठकर प्रवचन सुन लेना नहीं, बल्कि अपने जीवन में परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि कथा में आने के लिए भले ही व्यक्ति कपड़े बदलकर आए, लेकिन कथा से वापस जाते समय अपने मन को बदलकर जाना चाहिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि भगवान की भक्ति में दिखावे की आवश्यकता नहीं है। संसार हमें कितना सम्मान देता है या हमारी कितनी प्रशंसा करता है, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ईश्वर की दृष्टि में हमारा आचरण कैसा है।
सम्मान मिले तो उसे भगवान की कृपा मानें
महाराज जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सम्मान की माला पहनाई जाए और वह उस माला को अपने पास रखने के बजाय सहज भाव से किसी दूसरे को दे दे, तो यह समझना चाहिए कि सम्मान वास्तव में भगवान की कृपा से प्राप्त हुआ है।
[caption id="attachment_50337" align="alignleft" width="300"] सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते महंत विपिन बिहारी दास महाराज।[/caption]
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति हर उपलब्धि का श्रेय स्वयं को देने लगता है, तभी अहंकार जन्म लेता है। इसके विपरीत यदि मनुष्य यह मानकर चले कि “जो कुछ हो रहा है, वह प्रभु की कृपा से हो रहा है”, तो जीवन में अहंकार के लिए स्थान नहीं रहेगा।
संसार को रिझाने के बजाय भगवान को रिझाएं
कथा के दौरान महाराज जी ने कहा कि मनुष्य का पूरा जीवन दूसरों को प्रसन्न करने में नहीं बीतना चाहिए। संसार आज प्रशंसा करेगा और कल आलोचना, लेकिन भगवान के प्रति हमारी श्रद्धा और आचरण ही वास्तविक पूंजी है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “संसार को रिझाने की कोशिश मत करो, भगवान को रिझाने की कोशिश करो।” भगवान का नाम जपना और सत्संग में समय देना जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
[caption id="attachment_50336" align="alignright" width="150"] सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते महंत विपिन बिहारी दास महाराज।[/caption]
भोजन जरूरी है तो भगवान का भजन भी जरूरी
महाराज जी ने सरल उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन आवश्यक है, उसी प्रकार आत्मा के लिए भजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुबह उठकर जिस प्रकार व्यक्ति नाश्ते के लिए समय निकालता है, उसी प्रकार कुछ समय भगवान के लिए भी निश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भोजन करते हुए व्यक्ति को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन भजन में मात्रा नहीं, भावना महत्वपूर्ण है। जीवन में जितना भोजन करें, उससे अधिक भगवान के भजन और स्मरण को महत्व दें।
सत्संग का प्रभाव तभी, जब व्यवहार में दिखाई दे
कथा के दौरान उन्होंने परिवार और सामाजिक जीवन में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि कथा सुनने के बाद घर जाकर व्यवहार पहले जैसा ही रहे, तो कथा का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि पति-पत्नी एक-दूसरे से प्रेमपूर्वक बात करें, सास बहू को बेटी की तरह और बहू सास को मां की तरह सम्मान दे। सच्चा सत्संग वही है, जिसके बाद व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दे।
[caption id="attachment_50335" align="alignleft" width="150"] सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते महंत विपिन बिहारी दास महाराज।[/caption]
गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर दी श्रद्धांजलि
कथा के दौरान गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्मोत्सव का भी उल्लेख करते हुए महाराज जी ने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम के चरित्र और भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया। उनके द्वारा रचित रामचरितमानस आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन कर रहा है।
महाराज जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि तुलसी जयंती के अवसर पर घर में तुलसी का पौधा लगाएं, तुलसी के प्रति श्रद्धा रखें और भगवान के नाम का स्मरण करें।
दिखावे की भक्ति से बचने का संदेश
महाराज जी ने कहा कि भगवान को बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और सच्ची भक्ति से प्रसन्न किया जा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को चेताया कि धार्मिक वेशभूषा धारण करना या स्वयं को बड़ा संत बताना पर्याप्त नहीं है। भक्ति का वास्तविक प्रमाण व्यक्ति का आचरण है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को दुनिया से डरने के बजाय अपने कर्मों और ईश्वर के प्रति जवाबदेही को याद रखना चाहिए। जीवन में जितना संभव हो, भगवान का नाम जपते रहना चाहिए।
श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर सुनी कथा
कथा के दौरान भगवान शिव के भजनों और भक्तिमय प्रसंगों ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय कर दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु कथा में भाव-विभोर नजर आए। कथा पंडाल में लगातार हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे।
विधायक दिनेश राय मुनमुन के आयोजन में चल रही यह सात दिवसीय शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भगवान शिव की महिमा, शिव तत्व और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति एवं धर्म के मार्ग से जोड़ती रहेगी।
कोष्टा समाज करेगा व्यासपीठ पूजन
कथा प्रारंभ होने से पूर्व कोष्टा समाज के श्रद्धालुओं एवं समाजजनों द्वारा विधि-विधान से व्यासपीठ पूजन किया। पूजन के माध्यम से समाजजन कथा व्यासपीठ एवं संत-महात्माओं के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था अर्पित की । इसमें हीरालाल कुहछोड़ -अध्यक्ष, राजेंद्र हेडाऊ, घनश्याम हेडाऊ -उपाध्यक्ष, देवीप्रसाद कुल्हाड़े-संरक्षक हनुमान व्यायामशाला, भुवनलाल गढ़ेवाल, सुरेश भांगरे, मंगल प्रसाद आत्मपूज्य एवं हरीश सदाफल-सचिव सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य सहभागिता की।
हैहय कलचुरी कलार समाज करेगा भगवान शिव की आरती
वहीं आज की आरती का आयोजन हैहय कलचुरी कलार समाज, सिवनी द्वारा किया गया। समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य भगवान भोलेनाथ की आरती में सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना की।
महाआरती में राय समाज ने सहभागिता की जिसमें सरिता राय, श्रीमती सुरेश राय, श्रीमती ज्योति राय, श्रीमती प्रीति राम, श्रीमती रीना राय, श्रीमती निर्जा जायसवाल, श्रीमती श्यामा राम, श्रीमती रत्नमणि , रंजना राय, टी.एस. शर्मा, पूनम राय, दीपक राय, शमनाथ राय, अरविंद राय, संदीप राय, दिलीप राय, सहेंद्र राय, विक्की शिवहरे, डोमन सिंह राय, लालू राय, आशा राय, सोनाली राय, शोभना राय, रजनी राम, बलदेव रामजी, हर्ष राय, शम राय, कान्हा राय, लोकराम, घनश्याम राय, अखिलेश राय, रंजीत राय, सुनील राय एवं भरत राम सहित समाजजन शामिल रहे ।
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