सिवनीधर्ममध्यप्रदेश

छपारा में सदगुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव: कबीर के सिद्धांतों पर चलकर सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति का आह्वान

विशाल सद्भावना शोभायात्रा निकली, विधायक रजनीश सिंह सहित कई अतिथि रहे मौजूद

छपारा कबीर प्राकट्य महोत्सव-सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति का दिया संदेश

Seoni 28 June 2026
सिवनी / छपारा यशो:- नगर छपारा में आयोजित सदगुरु कबीर प्राकट्य महा महोत्सव के द्वितीय दिवस का शुभारंभ कार्यक्रम के सभापति एवं कबीर दर्शनाचार्य परम पूज्य गुरुदेव श्री रामजीवन शास्त्री साहेब जी ने सदगुरु कबीर साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

छपारा में सदगुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव के दौरान प्रवचन देते कबीर दर्शनाचार्य परम पूज्य गुरुदेव श्री रामजीवन शास्त्री साहेब जी
छपारा में आयोजित सदगुरु कबीर प्राकट्य महा महोत्सव के द्वितीय दिवस पर कबीर दर्शनाचार्य परम पूज्य गुरुदेव श्री रामजीवन शास्त्री साहेब जी ने श्रद्धालुओं को सदगुरु कबीर के सामाजिक एवं आध्यात्मिक सिद्धांतों पर चलने का संदेश दिया।

इस अवसर पर महिला मंडल एवं भक्तजनों ने भक्ति-भाव से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। नगर सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का पुष्पमालाओं से स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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अपने प्रवचन में पूज्य गुरुदेव श्री रामजीवन शास्त्री साहेब जी ने कहा कि 84 लाख योनियों में मनुष्य ही ऐसा प्राणी है, जिसके पास आत्मकल्याण और समाज परिवर्तन की क्षमता है।

इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में ऐसे नियम अपनाने चाहिए, जो सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त करें।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य बीमार होता है, उसी प्रकार समाज भी अनेक सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों से ग्रस्त हो जाता है।

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सदगुरु कबीर साहेब ने अपने जीवनकाल में पाखंड, आडंबर, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों का विरोध करते हुए समाज को सही दिशा देने का कार्य किया। आज आवश्यकता है कि उनके सिद्धांतों को अपनाकर समाज में जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार किया जाए।

आत्मचिंतन और गुरु भक्ति का दिया संदेश

आचार्य श्री ने कहा कि परमात्मा केवल मंदिर, मस्जिद या किसी विशेष स्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक जीव के भीतर आत्मदेव के रूप में विद्यमान हैं।

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उन्होंने कहा कि जड़ पूजा का निषेध किसी धर्म या मजहब का विरोध नहीं, बल्कि अपने भीतर स्थित चेतन आत्मदेव की अनुभूति का संदेश है।

उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने आत्मस्वरूप को नहीं पहचानता, तब तक “मैं कौन हूं?”, “परमात्मा क्या है?” और “जीवन का उद्देश्य क्या है?” जैसे प्रश्नों का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए जागृत गुरु के प्रति श्रद्धा, प्रेम, भक्ति और समर्पण आवश्यक है।

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गुरु का स्थान सर्वोच्च

प्रवचन के दौरान गुरुदेव ने कहा कि सभी प्रकार की भक्ति में गुरु भक्ति सर्वोपरि है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश, असत्य से सत्य तथा मृत्यु से अमरत्व की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक होते हैं।

विधायक रजनीश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केवलारी विधायक रजनीश सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में जयकेश सिंह ठाकुर, गुलाब साहू, संजय बैस, कुलदीप सिंह, भजनलाल चौकसे (भीमगढ़) एवं रामाधीन पटेल (भीमगढ़) सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

निकाली गई विशाल सद्भावना शोभायात्रा

शाम 5 बजे सदगुरु कबीर साहेब के प्राकट्य दिवस के अवसर पर नगर में विशाल सद्भावना शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सामाजिक सद्भाव, आध्यात्मिक एकता और कबीर साहेब के संदेशों का प्रसार किया।

https://www.jagatgururampalji.org/hi/events/kabir-prakat-diwas/

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