सिवनी में नवजात शिशुओं की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
जिला कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना; नरेश मरावी ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, विधायक रजनीश सिंह बोले—स्वास्थ्य मंत्री को पद छोड़ना चाहिए
सिवनी जिला अस्पताल में नवजात मौतों पर कांग्रेस ने मांगी जांच
Seoni, 16 October 2026
सिवनी यशो:- इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, सिवनी में नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी ने कहा कि प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य जांच और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है। इसके बावजूद गरीब और आदिवासी परिवारों को अपने नवजात बच्चों को खोना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर कमजोर पकड़ और उदासीनता के कारण ऐसी गंभीर स्थिति निर्मित हुई है।
मरावी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचते हैं। सरकार गर्भावस्था से लेकर शिशु के जन्म तक पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा देती है, ऐसे में जिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं की मौत के मामलों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
विधायक रजनीश सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में प्रसव के बाद ऐसे बच्चों को रखा जाता है, जिन्हें विशेष निगरानी और उपचार की आवश्यकता होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नवजात शिशुओं की जान जा रही है।
विधायक ने कहा कि कमजोर और कम वजन वाले नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के उद्देश्य से ही एसएनसीयू की व्यवस्था की गई है। ऐसे में इस इकाई में बच्चों की मृत्यु के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े उपकरणों के कई महीनों से बंद पड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को इन समस्याओं की जानकारी लेकर तत्काल सुधार करना चाहिए।
रजनीश सिंह ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल पद छोड़ने की मांग भी की।
सोहन वाल्मीक बोले—स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर नहीं सरकार
जिला कांग्रेस प्रभारी सोहन वाल्मीक ने कहा कि सिवनी जिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं की मृत्यु का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने छिंदवाड़ा और बालाघाट में नवजात बच्चों की मृत्यु के मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकता को लेकर गंभीर नहीं है।
वाल्मीक ने कहा कि सिवनी जिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले में संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होने से जवाबदेही पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
जवाबदेही तय हो, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुके
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा कि इस मामले में संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जिला कांग्रेस महासचिव शिव सनोडिया ने बताया कि जिला कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने मृत नवजात शिशुओं के परिवारों से संपर्क कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शोकाकुल परिवारों के प्रति जिला कांग्रेस परिवार की ओर से सहानुभूति प्रकट की गई और दिवंगत नवजात शिशुओं की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सनोडिया ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और जिले के गरीब परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के पदाधिकारी रहे उपस्थित
पत्रकार वार्ता का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता राजिक अकील ने किया। इस अवसर पर जिला प्रवक्ता जेपीएस तिवारी, जिला पंचायत सदस्य तेजसिंह रघुवंशी, घनश्याम सनोडिया, श्रीमती चित्रा शरद बिसेन, श्रीमती दुलारी कुमरे, दुपेन्द्र लकी अमूले, नितिन डहेरिया तथा नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद सहित अन्य पदाधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
महत्वपूर्ण: नवजात शिशुओं की मृत्यु के कारणों और कथित लापरवाही की पुष्टि जांच एवं चिकित्सकीय अभिलेखों से होना आवश्यक है। पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोप कांग्रेस नेताओं के बयान हैं; उन्हें जांच में प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि आरोपों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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