कलेक्टर की क्लास में अफसरशाही, योजनाओं की धीमी चाल पर सख्त रुख
धान उपार्जन से लेकर स्वास्थ्य–रोजगार तक हर विभाग की हुई पड़ताल
Seoni 31 December 2025
सिवनी यशो:- कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब कलेक्टर शीतला पटले ने जिले की योजनाओं और विभागीय कामकाज की एक-एक परत खोलकर समीक्षा की। बैठक में साफ संदेश दिया गया—अब ढिलाई नहीं चलेगी, योजनाएं कागज से निकलकर जमीन पर दिखनी चाहिए।

किसान, खेती और बाजार-तीनों पर सीधी नजर
प्राकृतिक खेती, खाद-बीज वितरण और ड्रिप-स्प्रिंकलर जैसी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर ने अफसरों से सीधे सवाल किए। उद्यानिकी विभाग को उत्पादन के साथ मार्केटिंग मजबूत करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसान को सही दाम मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की नब्ज टटोली
गर्भवती महिलाओं की सेहत, एनीमिया, मातृ मृत्यु, सिकल सेल, टीबी स्क्रीनिंग और पोषण योजनाओं की बारीकी से जांच की गई। साफ कहा गया कि आंकड़ों की नहीं, परिणामों की राजनीति चलेगी।
रोजगार योजनाओं में तेजी लाने के आदेश
पीएम विश्वकर्मा, एक जिला–एक उत्पाद और रोजगार मेलों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि युवाओं को सिर्फ सूची में नहीं, वास्तविक रोजगार से जोड़ा जाए।
आवास, सफाई और पानी – टालमटोल पर रोक
प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन,
अमृत योजना और नल जल योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने के संकेत मिले।
समय पर काम पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय करने के संकेत भी दिए गए।
राजस्व मामलों में फाइलें नहीं, फैसले चाहिए
नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन जैसे मामलों में लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जनता को चक्कर नहीं लगवाए जाएं।
धान उपार्जन पर खास सख्ती
धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा,
एफएक्यू मानक, भंडारण और भुगतान व्यवस्था को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी गई—
किसान परेशान हुआ तो जवाबदेही तय होगी।
एक संदेश साफ – बहाने खत्म, काम दिखे
बैठक के अंत में कलेक्टर ने दो टूक कहा कि –
सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें, क्योंकि योजनाओं की सफलता का पैमाना अब रिपोर्ट नहीं,
जमीन पर दिखने वाला असर होगा।



