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सिवनी – 894.2 मिमी.
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कुरई – 731.7 मिमी.
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बरघाट – 973.4 मिमी.
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केवलारी – 1364.4 मिमी.
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छपारा – 1013.5 मिमी.
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लखनादौन – 1046.6 मिमी.
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धनौरा – 1007.4 मिमी.
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घंसौर – 1571.0 मिमी.
बरघाट में धान की खेती को मिली राहत
बरघाट क्षेत्र जिले का धान का मुख्य उत्पादक क्षेत्र है। किसान लगातार कम बारिश से चिंतित थे और धान का परहा लगाने में पिछड़ गये थे। इस बार हुई लगातार वर्षा से किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब धान की फसल पर्याप्त नमी मिलने से अच्छी स्थिति में रहने की संभावना है। किसान बिजली आपूर्ति में भी सुधार की मांग कर रहे थे, जिससे खेतों में सिंचाई सुविधाजनक बन सके।अन्य फसलों पर सावधानी
जहाँ एक ओर प्रमुख नदियाँ वैनगंगा और पेंच को राहत मिली है, वहीं कुछ क्षेत्रों में मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलें अब अधिक बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।भीमगढ़ डेम और नदियों का जलस्तर
बरसात से जिले की प्रमुख नदियाँ वैनगंगा और पेंच लबालब हो गई हैं। भीमगढ़ डेम में पर्याप्त जलभराव हो चुका है, जिससे आने वाले समय में सिंचाई की संभावनाएँ मजबूत होंगी।मौसम विभाग का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में जिले के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। नागरिकों और किसानों को सतर्क रहने के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।स्रोत:-
https://mausam.imd.gov.in/