आरएसएस शताब्दी वर्ष पर ‘शून्य से सतक’ जनजागरण साइकिल यात्रा, श्रीनगर से कन्याकुमारी तक
छिंदवाड़ा यशो :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ‘शून्य से सतक’ नामक जनजागरण साइकिल यात्रा श्रीनगर के लालचौक से कन्याकुमारी तक निकाली जा रही है। यह यात्रा नरसिंहपुर रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन डॉ. अनंत दुबे एवं उनके बड़े भाई देवेंद्र दुबे द्वारा की जा रही है। दोनों ही बाल्यकाल से आरएसएस के स्वयंसेवक रहे हैं और संगठनात्मक कार्यों में निरंतर सक्रिय हैं।
इस जनजागरण यात्रा का उद्देश्य आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा का नाम ‘शून्य से सतक’ रखा गया है, जो संघ की निरंतरता, साधना और समर्पण को दर्शाता है।
22 दिनों में श्रीनगर से नरसिंहपुर पहुंचे
अधिवक्ता श्री रमेश पोफली ने जानकारी देते हुए बताया कि यह साइकिल यात्रा श्रीनगर से प्रारंभ होकर 22 दिनों में निज निवास नरसिंहपुर पहुंची। इसके पश्चात यात्रा नरसिंहपुर से सिंगोड़ी होते हुए छिंदवाड़ा पहुंची।
संकट मोचन सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य स्वागत
छिंदवाड़ा स्थित संकट मोचन सरस्वती शिशु मंदिर में यात्रा के पहुंचने पर डॉ. अनंत दुबे एवं देवेंद्र दुबे का भव्य और दिव्य स्वागत किया गया। स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व अधिवक्ता श्री रमेश पोफली ने किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
“‘शून्य से सतक’ जनजागरण यात्रा संघ की विचारधारा, सेवा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।”
पंचनिष्ठा पर जनसंवाद
स्वागत उपरांत आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में डॉ. अनंत दुबे ने आरएसएस द्वारा पंचनिष्ठा के माध्यम से चलाए जा रहे कार्यक्रमों और उनके सामाजिक महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव आवश्यक है।
1950 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण
अब तक डॉ. अनंत दुबे एवं देवेंद्र दुबे लगभग 1950 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूर्ण कर चुके हैं। यात्रा का समापन कन्याकुमारी में भारत माता के चरण स्पर्श के साथ किया जाएगा।
इस अवसर पर सर्वश्री मोहन रोड़े, विवेक पोफली, विजय साहू, अनिल साहू, शिव मालवी, संतोष राय, अशोक ठाकरे, सुरेंद्र विनोद, सुशील सूर्यवंशी, मंगेश कपाले, विशाल पोफली सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित रहे।



