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खानपान और नियमित व्यायाम से पेट रोगों से बचाव संभव : डॉ. स्नेहल मकेश्वर

छिंदवाड़ा यशो:-  संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम अपनाकर पेट से जुड़ी अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है। अधिक तला-भुना और तीखा भोजन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। गेहूं की रोटी के स्थान पर मल्टीग्रेन रोटी अपनाने से मोटापा, वजन बढ़ने और पेट रोगों का खतरा कम होता है।

यह बातें नागपुर स्थित किम्स किंग्सबे हॉस्पिटल के वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहल मकेश्वर ने कहीं। वे आरोग्य अस्पताल में परामर्श देने के लिए छिंदवाड़ा आए थे।

कॉरपोरेट अस्पतालों से इलाज हो रहा महंगा

इलाज लगातार महंगा होने के सवाल पर डॉ. मकेश्वर ने कहा कि देश में अस्पतालों पर कॉरपोरेट जगत का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर डॉक्टर केवल नौकरी कर रहे हैं। आने वाले समय में कॉरपोरेट अस्पतालों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे इलाज आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है।

जांच और दवाओं में कमीशन गलत

डॉ. मकेश्वर ने बताया कि पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन और दवाओं में कमीशन की प्रवृत्ति गलत है। यह स्थिति विशेष रूप से कॉरपोरेट अस्पतालों में देखने को मिल रही है। यदि कमीशन सिस्टम कम हो जाए तो इलाज की लागत भी कम की जा सकती है।

डॉ. स्नेहल मकेश्वर का कहना है —
यदि खानपान संतुलित हो और नियमित व्यायाम किया जाए तो पेट से जुड़ी अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है।”

 जेनेरिक दवाओं पर भरोसा बढ़ाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि फिलहाल कई डॉक्टरों का जेनेरिक दवाओं पर पूरा भरोसा नहीं बन पाया है। सरकार को मानक और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे डॉक्टर निश्चिंत होकर इन्हें लिख सकें। दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन में स्पष्ट डिटेलिंग होनी चाहिए, ताकि ब्रांडेड दवाओं के विकल्प के रूप में जेनेरिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वस्थ जीवन का सरल मंत्र

अंत में डॉ. मकेश्वर ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए सही खानपान और नियमित व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। जीवनशैली में छोटे बदलाव कर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है।

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