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	<title>Tribal Department &#8211; Dainik Yashonati</title>
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	<title>Tribal Department &#8211; Dainik Yashonati</title>
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		<title>50 छात्राओं के आश्रम में मिली सिर्फ 1 छात्रा! घंसौर कन्या आश्रम की पोल खुली, गंदगी-बंद पंखे और लापरवाही पर अधीक्षिका को नोटिस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 10:29:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[घंसौर कन्या आश्रम में बड़ा खुलासा: 50 में सिर्फ एक छात्रा, अधीक्षिका को नोटिस सिवनी/घंसौर यशो :- जनपद पंचायत घंसौर की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा कन्या आश्रम पौड़ी के औचक निरीक्षण में सामने आई गंभीर अव्यवस्थाओं के बाद आदिवासी विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के आधार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3 style="text-align: right;"><span style="color: #008080;">घंसौर कन्या आश्रम में बड़ा खुलासा: 50 में सिर्फ एक छात्रा, अधीक्षिका को नोटिस</span></h3>
<p style="padding-left: 80px;"><strong>सिवनी/घंसौर यशो :- जनपद पंचायत घंसौर की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा कन्या आश्रम पौड़ी के औचक निरीक्षण में सामने आई गंभीर अव्यवस्थाओं के बाद आदिवासी विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।</strong></p>
<p><strong> निरीक्षण के आधार पर विकासखंड अधिकारी (जनजातीय कार्य) पंडित मनीष कुमार मिश्रा ने आश्रम की अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। </strong></p>
<p><strong>साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">50 छात्राओं के स्थान पर मिली सिर्फ एक छात्रा</span></strong></h3>
<p><strong>7 जुलाई को हुए औचक निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि छात्रावास में दर्ज 50 छात्राओं के मुकाबले निरीक्षण के समय केवल एक छात्रा ही मौजूद मिली। वहीं चौकीदार सरिता शर्मा भी ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं। निरीक्षण दल को छात्रावास की उपस्थिति पंजी भी व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं मिली, जिससे छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति और छात्रावास संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">गंदगी, बंद पंखे और खराब बिस्तरों पर जताई नाराजगी</span></strong></h3>
<p><strong>निरीक्षण के दौरान छात्रावास परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई मिली। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं हो रही थी तथा स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। छात्राओं के लिए उपलब्ध पलंग, गद्दे और बिस्तरों की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। कई पंखे लंबे समय से बंद पड़े थे, जिन्हें देखकर प्रतीत हो रहा था कि उनकी वर्षों से मरम्मत तक नहीं कराई गई।</strong></p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों ने इन कमियों को छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अधीक्षिका को तत्काल हटाकर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित करने की भी अनुशंसा की।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण</span></strong></h3>
<p><strong>विकासखंड अधिकारी (जनजातीय कार्य) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में अधीक्षिका को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिवस के भीतर स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर निरीक्षण में मिली सभी कमियों के संबंध में तथ्यात्मक एवं लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। </strong></p>
<p><strong>नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">जिलेभर में आदिवासी विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल</span></strong></h3>
<p><strong>कन्या आश्रम पौड़ी की घटना ने जिले में आदिवासी विकास विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। पिछले दिनों जनपद पंचायत घंसौर की अध्यक्ष, शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय स्कूलों और छात्रावासों की स्थिति पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि कई स्कूलों में शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि अनेक संस्थानों में पर्याप्त शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।</strong></p>
<p><strong>जिले के विभिन्न आदिवासी छात्रावासों एवं विभागीय विद्यालयों से समय-समय पर अव्यवस्थाओं, कर्मचारियों की लापरवाही, साफ-सफाई की खराब स्थिति तथा निगरानी के अभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन मुद्दों को लेकर सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर को कई ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं तथा विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार की मांग लगातार उठाई जा रही है।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">नियमित निगरानी पर भी उठे सवाल</span></strong></h3>
<p><strong>घंसौर की घटना के बाद विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि छात्रावासों और विद्यालयों का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग होती, तो इतनी गंभीर अनियमितताएं लंबे समय तक जारी नहीं रहतीं। अब मांग उठ रही है कि जिले के सभी आदिवासी छात्रावासों और विभागीय विद्यालयों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और जहां भी लापरवाही मिले, वहां जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">प्रशासनिक कार्रवाई से बढ़ी उम्मीद</span></strong></h3>
<p><strong>कन्या आश्रम पौड़ी में कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन अब केवल एक छात्रावास तक सीमित न रहकर पूरे जिले के आदिवासी छात्रावासों और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करेगा। </strong></p>
<p><strong>यदि समय रहते कमियों को दूर कर जवाबदेही तय की जाती है, तो इसका सीधा लाभ छात्राओं और विद्यार्थियों को मिलेगा तथा शिक्षा और छात्रावास व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को मिल सकेगा।</strong></p>
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		<title>सिवनी के सहायक आयुक्त लालजी मीणा पर गंभीर आरोपों की बौछार, वसूली से लेकर जातिगत अपमान तक के लगे आरोप</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/seonis-assistant-commissioner-lalji-meena-was-bombarded-with-serious-allegations-ranging-from-extortion-to-caste-insults/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 15:12:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सिवनी]]></category>
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					<description><![CDATA[Seoni: सहायक आयुक्त लालजी मीणा पर वसूली और जातिगत अपमान के आरोप Seoni 15 July 2026 सिवनी यशो:- जनजातीय कार्य विभाग, सिवनी के सहायक आयुक्त लालजी मीणा एक के बाद एक सामने आ रहे गंभीर आरोपों के कारण विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक ओर पूर्व मंडल संयोजक रघुवंश पेंद्रे ने वीडियो जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4 style="text-align: right;"><span style="color: #0000ff;"><strong>Seoni: सहायक आयुक्त लालजी मीणा पर वसूली और जातिगत अपमान के आरोप</strong></span></h4>
<p><strong>Seoni 15 July 2026</strong><br />
<strong>सिवनी यशो:- जनजातीय कार्य विभाग, सिवनी के सहायक आयुक्त लालजी मीणा एक के बाद एक सामने आ रहे गंभीर आरोपों के कारण विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक ओर पूर्व मंडल संयोजक रघुवंश पेंद्रे ने वीडियो जारी कर वसूली, प्रताड़ना और षड्यंत्रपूर्वक स्थानांतरण के आरोप लगाए हैं |</strong></p>
<p><strong> वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने माध्यमिक शिक्षक सुखचैन मरावी के कथित सार्वजनिक जातिगत अपमान के मामले में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक शिकायत भेजी है। इन घटनाओं के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी और आक्रोश की चर्चा तेज हो गई है।</strong></p>
<h4><strong><span style="color: #003366;">रघुवंश पेंद्रे का आरोप &#8211; छात्रावासों से वसूली का बनाया गया दबाव</span></strong></h4>
<p><strong>कान्हीवाड़ा में पदस्थ रहे पूर्व मंडल संयोजक रघुवंश पेंद्रे ने वीडियो बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उनसे जिले के छात्रावास अधीक्षकों से कथित रूप से एक-एक लाख रुपये की वसूली कराने का दबाव बनाया गया।</strong></p>
<p><strong> उनका दावा है कि मंडल संयोजक के पद पर बनाए रखने के लिए उनसे दो लाख रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उन्हें पद से हटाकर उनका स्थानांतरण कर दिया गया।</strong></p>
<p><strong>रघुवंश पेंद्रे का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को भी भेजी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि उनके विरुद्ध की गई स्थानांतरण की कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से की गई।</strong></p>
<h4><strong><span style="color: #008080;">शिक्षक के जातिगत अपमान का आरोप, कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन</span></strong></h4>
<p><strong>दूसरी ओर मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि 27 जून 2026 को आयोजित विभागीय बैठक के दौरान घंसौर विकासखंड में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक सुखचैन मरावी के साथ सार्वजनिक रूप से जातिसूचक और अपमानजनक व्यवहार किया गया।</strong></p>
<p><strong>ज्ञापन के अनुसार, सुखचैन मरावी ने अपनी पारिवारिक और जनजातीय परंपरा के कारण सिर पर गमछा बांध रखा था। जब उन्होंने इसे अपनी सांस्कृतिक मान्यता बताते हुए हटाने में असमर्थता जताई, तब सहायक आयुक्त ने कथित रूप से उन्हें धमकाते हुए कहा—</strong></p>
<blockquote><p><strong>&#8220;तू गोंड है न, तेरी पूरी अकड़ निकाल दूंगा&#8230; ऐसी जगह ट्रांसफर करूंगा कि सड़ता रहेगा। अभी मैंने रघुवंश पेंद्रे को छिंदवाड़ा भेजा है, वैसे ही तुझे भी भेज दूंगा। तू है क्या जो मुझे बताएगा, मैं तेरा अधिकारी हूं।&#8221;</strong></p></blockquote>
<p><strong>परिषद का आरोप है कि इस कथित घटना से शिक्षक को मानसिक आघात पहुंचा तथा यह जनजातीय समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला मामला है।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">आदिवासी समाज में बढ़ रहा असंतोष</span></strong></h3>
<p><strong>आदिवासी विकास परिषद ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि सहायक आयुक्त द्वारा जनजातीय वर्ग के कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है और विभागीय कार्रवाई का भय दिखाकर प्रताड़ित किया जाता है। </strong></p>
<p><strong>परिषद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा उन्हें तत्काल सिवनी जिले से हटाने की मांग की है।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">सहायक आयुक्त ने आरोपों को बताया निराधार</span></strong></h3>
<p><strong>इस संबंध में सहायक आयुक्त लालजी मीणा से संपर्क किए जाने पर उन्होंने आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों पर काम में लापरवाही पाई गई, उन्हें केवल विभागीय दायित्वों के तहत फटकार लगाई गई थी।</strong></p>
<p><strong> उनके अनुसार कुछ लोग समूह बनाकर उन पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं और लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #008080;">अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें</span></strong></h3>
<p><strong>एक ही विभाग से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में गंभीर आरोप सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर नजरें टिक गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी।</strong></p>
<blockquote><p><strong>नोट: इस समाचार में उल्लिखित वसूली, जातिगत अपमान, धमकी और प्रताड़ना संबंधी सभी बातें शिकायतकर्ताओं, वीडियो बयान और जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सहायक आयुक्त लालजी मीणा ने आरोपों को निराधार बताया है। मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष आना शेष है।</strong></p></blockquote>
<h5><span style="color: #ff0000;">यह भी पढ़े :-</span></h5>
<p><a href="https://dainikyashonnati.com/5-inspectors-of-seoni-police-became-dsp-3-subedars-were-promoted-and-became-reserved-inspectors/">सिवनी पुलिस के 5 निरीक्षक बने डीएसपी, 3 सूबेदार पदोन्नत होकर बने रक्षित निरीक्षक</a></p>
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<p><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%BE_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%95_%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8" target="_blank" rel="noopener">https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%BE_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%95_%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8</a></p>
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