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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर प्रदेशभर में होगा विशेष पखवाड़ा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महापौरों और अध्यक्षों को दिए विशेष निर्देश

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125वीं जयंती पर विशेष पखवाड़ा, सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश

 Bhopal 22 June 2026
भोपाल यशो:- मध्यप्रदेश सरकार भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष को विशेष रूप से मनाएगी। इस अवसर पर 23 जून से 6 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौरों और नगर पालिका अध्यक्षों से चर्चा कर कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए प्रेरित करते हैं।

23 जून से 6 जुलाई तक चलेगा स्मृति पखवाड़ा

मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से लेकर उनके जन्मदिवस 6 जुलाई तक प्रदेश में विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां, संगोष्ठियां तथा जनजागरण कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता थे।

उनके जीवन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

युवाओं तक पहुंचे डॉ. मुखर्जी के विचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अवसर नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक करने का है।

पखवाड़े के दौरान युवाओं को विशेष रूप से जोड़ा जाए तथा उन्हें डॉ. मुखर्जी के जीवन संघर्ष और योगदान से परिचित कराया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रमों में डॉ. मुखर्जी के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान से अवगत हो सके।

राष्ट्रहित में दिए गए बलिदान को किया जाएगा स्मरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 जून 1953 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन हुआ था, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है।

जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में उनका आंदोलन भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनका बलिदान आज भी राष्ट्रीय चेतना और अखंड भारत के संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

जन-जन तक पहुंचेगा राष्ट्रीय एकता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पखवाड़े का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्र प्रथम की भावना को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

https://www.bjp.org/hi/dr-syama-prasad-mookerjee

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