डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर भाजपा द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित : एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सूत्रधार को नमन
Chhindwara 23 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:- भारतीय जनसंघ के संस्थापक और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को छिंदवाड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित कर मनाया गया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं और विचार गोष्ठियों का आयोजन हुआ।
भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव, महापौर विक्रम अहाके, लोकतंत्र सेनानी रमेश पोफली, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय झांझरी सहित अनेक भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि—
“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। उनके बलिदान का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार किया।”
उन्होंने डॉ. मुखर्जी को मौलिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक और राष्ट्रीय चरित्र को सशक्त करने वाले महानायक बताया।
सांसद बंटी साहू ने किया दीप प्रज्वलन और किया पौधारोपण
पातालेश्वर नगर मंडल के वार्ड क्रमांक 15 स्थित लाल पार्क में आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में सांसद बंटी विवेक साहू ने दीप प्रज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा—
“डॉ. मुखर्जी ने सत्ता की लालसा त्यागकर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघर्ष किया। उनके विचार आज भी भारत की एकता के मूल आधार हैं।”
कार्यक्रम के अंत में सांसद बंटी साहू एवं अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
मातृभूमि के पुजारी को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम को भाजपा मंडल अध्यक्ष अंकुर शुक्ला ने भी संबोधित किया और कहा कि—
“डॉ. मुखर्जी का जीवन देश को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाली राजनीतिक दिशा देता है। वे आज भी असंख्य देशवासियों के प्रेरणास्त्रोत हैं।”
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ नेता पीतांबर डोडानी, सभापति बलराम साहू, संतलाल बत्रा, पूर्व प्राचार्य डॉ. आनदेव, सहित अनेक गणमान्य नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




