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यूट्यूब से लिया आईडिया और नकली नोट छापने का शुरू कर दिया कारोबार

मास्टरमांइड के पिता हेड कांस्टेबल है और भाई सिपाही


भोपाल :- बेरोजगारी काट रहे उच्च शिक्षा प्राप्त युवक ग्लेमर वाली लाईफ स्टाइल के आकर्षण में अनैतिक तरीके से धन कमाने के लिये कुछ भी करने तैयार हो रहे है । अमीर बनने का उनका लालच उन्हें आपराधी बनाकर जेल पहुँचा रहा है । भोपाल पुलिस ने दो युवकों को 100 रूपये के नकली नोट बनाने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया जिसमें एक युवक एमबीए किया हुआ और दूसरा बी टेक किया हुआ है । इनके पास से सौ सौ के 45 नोट, कलर प्रिंटर लैपटाप बरमाद हुआ था । इन्होंने युट्युब से नकली नोट बनाने का आईडिया लिया था ।
इसी प्रकार युट्युब से एक वेबसीरिज देखकर नकली नोट बनाने वाले तीन दिन शनिवार को पूर्व उत्तरप्रदेश के झांसी में मध्यप्रदेश के ही चार युवक नकली नोट बनाने और बाजार में चलाने का काम करते हुये पकड़े गये है । इन में जो मास्टरमांइड पंकज मल्होत्रा है उसके पिता सुरेश कुमार मध्यप्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है और भाई सिपाही है । पंकज भी बीएससी कर चुका है और मटेरियल सप्लाई का काम करता है पिछले कुछ दिनों में उसे लंबा घाटा लग गया था जिससे वह नकली नोट छापने का का काम करने लगा । पंकज सहित अन्य आरोपियों ने पिछले तीन महीने से नकली नोट छाप रहे है और एजेंटों के माध्यम से जाली नोट मध्यप्रदेश और यूपी के कस्बों में खपाए जा रहे थे। शनिवार की रात को सीपरी बाजार पुलिस ने मास्टमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार करके इनके कब्जे से ढाई लाख के जाली नोट, प्रिंटर और कागज के साथ अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
जाली नोट बनाने के मास्टरमाइंड पंकज मल्होत्रा भिंड निवासी के इस आपराधिक कारोबार में दतिया निवासी कमलाकांत शिवहरे, मनीष जाटव निवासी दतिया, आशीष जाटव उर्फ आशिक निवासी भिंड देते थे। सीपरी बाजार पुलिस ने इन चारों को शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर कानपुर बाईपास हाईवे पर बूढ़ा गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में पंकज ने बताया कि वह नकली नोट तैयार करता था जबकि मनीष, आशीष और कमलाकांत नेटवर्क से जुड़े एजेंटों को सप्लाई करते थे। पुलिस ने पंकज के पास से पांच सौ रुपये के 200 जाली नोट, मनीष से 500 रुपये के सौ जाली नोट, आशीष से 500 रुपये के सौ जाली नोट एवं कमलाकांत से पांच सौ रुपये के 100 जाली नोट बरामद किए। इनके पास से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले पेपर, कटर बोर्ड, नोट तैयार करने के लिए कागज, आधुनिक प्रिंटर, स्लाइड आदि उपकरण बरामद किए हैं। लिखा-पढ़ी के बाद सभी आरोपी जेल भेज दिए गए। पिछले तीन माह में इन्होंने कितने जाली नोट चल दिये होंगे इसका अनुमान लगाना कठिन है । इनके कुछ एजेंट भी होने का संदेह है पुलिस बारीकी से छानबीन कर रही है और यह काम सिखाने वाले की भी सरगर्मी से तलाश जारी है ।

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