भाजपा के राज में अपराधी बेखौफ, स्थानीय जिम्मेदार, पुलिस-प्रशासन सब मौन: ओक्टे
शांति का टापू कहे जाने वाले छिन्दवाड़ा की बिगड़ रही फिज़ा
छिन्दवाड़ा यशो:- भाजपा के राज में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। छिन्दवाड़ा जिले में अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे। पुलिस-प्रशासन सत्ता की चरण चम्बुक बन गये है। दुष्कर्म, महिलाओं, नाबालिगों से छेड़छाड़, लूट हत्या व हत्या के प्रयास जैसे जघन्य वारदातों ने पुलिस की निम्न स्तरीय कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय जिम्मेदार, पुलिस-प्रशासन सब मौन है। बेलगाम अपराधी लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। देश, प्रदेश में शांति का टापू कहे जाने वाले छिन्दवाड़ा की फिज़ा बिगड़ती जा रही है। बढ़ते अपराध से जनता त्रस्त है साथ ही उनमें भय का माहौल है।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे ने उक्त उदगार आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यक्त किये। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने अपनी जारी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा कि बहनों की आड़ लेकर राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों के राज में ना तो बहनें सुरक्षित है और ना ही भैया और ना तो अन्य जन ही सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आये दिन जिले के किसी न किसी हिस्से से दिल दहला देने वाली घटनायें सामने आ रही है।
माताओं, बहनों और बेटियों की अस्मत लूटी जा रही और जिले के स्थानीय जिम्मेदार के साथ जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के मुखिया हार फूलमाला पहनकर खुशियां मना रहे, जनता त्रस्त है बढ़ते अपराध से उनमें खौफ व डर का माहौल है, लेकिन जनता ने जिन्हें सुरक्षा, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है उन्होंने मौन साध रखा है। भाजपा के शासन में आम आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। पुलिस की नाक के नीचे शहर के मध्य में स्थित फव्वारा चौक में गत रात्रि को एक व्यक्ति को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। लगभग एक घण्टे तक वाद-विवाद चलता रहा किन्तु पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, अगर पुलिस मौके पर पहुंची गई होती तो एक जघन्य अपराध घटित होने से रोका जा सकता था, किन्तु पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदार अफसर सत्ता की चरण वंदना में जुटे हैं। अगर यही हालात रहे तो हमारा शांतिप्रिय जिला अपराध का गढ़ बन जायेगा।





