ईद मिलादुन्नबी विशेष: पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने दुनिया को इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश दिया
मुफ्ती तौहिद आलम ने कहा- पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने की जरूरत
ईद मिलादुन्नबी विशेष: पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश
Seoni, 25 August 2026
सिवनी यशो:- ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सिवनी में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मस्जिद नूर अंबिया, राज्य परिवहन बस स्टैंड परिसर में 15 अगस्त से प्रतिदिन रात 9 से 10 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शान में नात शरीफ पेश की गई और उनकी जीवनी एवं शिक्षाओं पर तकरीरें हुईं।
सूफी सामाजिक कार्यकर्ता सूफी मंजूर रजा कादरी ने बताया कि 25 अगस्त को दारूद खानी एवं पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के प्रति सलाम पेश करने के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे।
इंसानियत और अमन का दिया संदेश
धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती तौहिद आलम ने अपनी तकरीर में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को इंसानियत, भाईचारे, न्याय और शांति का संदेश दिया। उन्होंने समाज के कमजोर, गरीब, यतीम, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
मुफ्ती तौहिद आलम ने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं में महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त कर आपसी भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए।
युद्ध और मानवता को लेकर भी बताए सिद्धांत
मुफ्ती तौहिद आलम ने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने संघर्ष के समय भी मानवता और नैतिकता के सिद्धांतों पर जोर दिया। उनके अनुसार निहत्थे लोगों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को नुकसान पहुंचाने तथा प्रकृति को अनावश्यक नुकसान पहुंचाने से रोकने की शिक्षाएं दी गईं।
उन्होंने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब को उनके जीवनकाल में ईमानदारी, अमानतदारी और न्यायप्रियता के लिए सम्मान मिला। ईद मिलादुन्नबी उनके जीवन, आदर्शों और मानवता के प्रति उनके संदेश को याद करने का अवसर है।
शिक्षा और भाईचारे को आगे बढ़ाने पर जोर
सूफी मंजूर रजा कादरी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, अमन, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को समझकर समाज में शांति और सद्भाव को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने सभी से आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ ईद मिलादुन्नबी मनाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में सूफी मंजूर रजा कादरी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लब्बैक यूथ फोर्स आतंकवाद विरोधी संगठन, सिवनी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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