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मुन्ना भाई MBBS’ की तर्ज पर ‘मुन्ना भाई LLB’! दूसरे की सनद पर कोर्ट में पैरवी का आरोप

अमरवाड़ा-हर्रई की अदालतों में वर्षों से विधि व्यवसाय करने का दावा; शिकायत के बाद जांच में सनद किसी अन्य के नाम पर होने की बात सामने आई, पुलिस ने BNS की धाराओं सहित अधिवक्ता अधिनियम में दर्ज किया प्रकरण

मुन्ना भाई LLB’! दूसरे की सनद से वकालत का आरोप, अनिमेष चौकसे पर केस दर्ज

छिंदवाड़ा/हर्रई यशो:- फिल्मों में आपने ‘मुन्ना भाई MBBS’ की कहानी देखी होगी, लेकिन छिंदवाड़ा जिले में अब ‘मुन्ना भाई LLB’ जैसा मामला सामने आया है। यहां अमरवाड़ा और हर्रई की अदालतों में विधि व्यवसाय कर रहे अधिवक्ता अनिमेष चौकसे पर आरोप है कि वह जिस सनद के आधार पर वकालत और न्यायालय में पैरवी कर रहे थे, वह उनके नाम की नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। शिकायत के बाद हुई जांच में कथित फर्जी सनद का मामला सामने आने पर हर्रई पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत ने खोली कथित फर्जीवाड़े की परत

हर्रई पुलिस के अनुसार हरनभटा निवासी 55 वर्षीय पूनाराम पिता शनिराम कुमरे ने इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने हर्रई न्यायालय में एक परिवाद प्रस्तुत किया था। इसी प्रकरण में हर्रई निवासी 28 वर्षीय अनिमेष पिता भोजराज चौकसे की ओर से उसके खिलाफ मामला प्रस्तुत किया गया और न्यायालय में वकालतनामा पेश किया गया।

शिकायतकर्ता ने वकालतनामा और अधिवक्ता की सनद को लेकर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि अनिमेष चौकसे जिस सनद के आधार पर न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं, वह उनकी नहीं है।

जांच में दूसरे के नाम पर मिली सनद

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार जिला अधिवक्ता संघ से भी संबंधित सनद के संबंध में जानकारी ली गई। अधिवक्ता संघ के सचिव नंदकिशोर साहू ने पुलिस को बताया कि प्रस्तुत सनद अनिमेष चौकसे के नाम पर नहीं है।

पुलिस के अनुसार जांच में यह बात सामने आई कि संबंधित सनद हर्षा राठौर के नाम पर दर्ज है। इसके बाद मामले में दस्तावेजों की वैधता और सनद के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की जांच आगे बढ़ाई गई।

वर्षों से अदालतों में पैरवी करने का दावा

शिकायत से जुड़े विवरण के अनुसार अनिमेष चौकसे अमरवाड़ा और हर्रई की न्यायालयों में लंबे समय से विधि व्यवसाय कर रहे थे और विभिन्न मामलों में न्यायालय के समक्ष पैरवी भी करते थे। ऐसे में सनद किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होने की शिकायत सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है।

अब पुलिस यह जांच कर रही है कि संबंधित दस्तावेज का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इस पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

BNS और अधिवक्ता अधिनियम के तहत मामला दर्ज

हर्रई पुलिस ने अनिमेष चौकसे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 336(3), 337 और 340(2) तथा अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

न्याय व्यवस्था से जुड़ा मामला, इसलिए गंभीर सवाल

किसी न्यायालय में विधि व्यवसाय करने के लिए अधिवक्ता की वैध पहचान और पंजीयन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि किसी अन्य व्यक्ति के नाम की सनद का इस्तेमाल कर न्यायालय में पैरवी किए जाने का आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल संबंधित व्यक्ति बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय होगा।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। मामले में सामने आने वाले दस्तावेज और जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि कथित फर्जीवाड़ा किस स्तर पर और किस प्रकार किया गया।

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