WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
छिंदवाड़ादेश विदेशनरसिंगपुरबालाघाटमंडलामध्यप्रदेशराजनीतिसिवनी

ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास – दिग्विजय सिंह

आदिवासियों के हक के लिये मिलकर लड़ेंगे – शरद पवार
सिवनी 03 अप्रैल 2023

सिवनी यशो:- प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार सहित अन्य नेताओं ने बिरसा मुंडा ब्रिगेड के पालीटेक्रिक ग्राऊंड में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की । इस अवसर पर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह अपने संबोधन के दौरान कहा कि वह आदिवासियों के हक एवं लोकतंत्र की लड़ाई एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ मिलकर लड़ेंगे। दिग्विजय का आरोप है कि हम बटन दबाते हैं, पता नहीं वोट किसे जाता है. मतदाताओं के बीच पूरे देश में अविश्वास की स्थिति है. विश्व में ऐसी कोई मशीन बता दीजिए, जिसमें चिप डली हो और हैक नहीं की जा सके. बांग्लादेश और रूस के रिजर्व बैंक से चोरी कर

ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास - दिग्विजय सिंह आदिवासियों के हक के लिये मिलकर लड़ेंगे - शरद पवार सिवनी यशो:- प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार सहित अन्य नेताओं ने बिरसा मुंडा ब्रिगेड के पालीटेक्रिक ग्राऊंड में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की । इस अवसर पर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह अपने संबोधन के दौरान कहा कि वह आदिवासियों के हक एवं लोकतंत्र की लड़ाई एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ मिलकर लड़ेंगे। दिग्विजय का आरोप है कि हम बटन दबाते हैं, पता नहीं वोट किसे जाता है. मतदाताओं के बीच पूरे देश में अविश्वास की स्थिति है. विश्व में ऐसी कोई मशीन बता दीजिए, जिसमें चिप डली हो और हैक नहीं की जा सके. बांग्लादेश और रूस के रिजर्व बैंक से चोरी कर ली गई, तो यहां वोटों की चोरी बड़ी आसानी से हो सकती है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें आदिवासियों हक और उनके अधिकार जल जंगल जमीन की लडाई के साथ लोकतंत्र को बचाने की लडाई भी लडऩा है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसस वो संगठन हैं जो आदिवासियों की पहचान छीनना चाहता है। वनवासी यदि शहर चला गया तो क्या अपना हक छोड़ देगा, क्या अनुसूचित जाति की सूची में नहीं आएगा, ये आपको गुमराह कर रहे हैं। पूर्व सीएम बोले, मैं अगाह करना चाहता हूं आरएसएस और भाजपा के लोगों को कि आदिवासियों की पहचान छीनने का प्रयास मत करिए, इनकी पहचान बनाए रखना मौलिक संवैधानिक अधिकार है।Óउन्होंने कहा कि आदिवासियों के हक के लिये पेसा कानून हम बनाना चाहते थे और इसका ड्राप भी तैयार कर लिया गया था । इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता शरद पवार ने कहा कि आदिवासियों की समस्याओं व उनके अधिकारों के लिए हम सब एकजुट होकर सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। देश में जितने भी बांध बने हैं, हाइवे बने हैं, रेल मार्ग बने, इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को अपनी जमीन से वंचित होकर उठाना पड़ा। वन अधिनियम 1972 बनने के बाद आदिवासियों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया। जबकि जल, जंगल और जमीन को बचाने वाले आदिवासी ही हैं। सभी बिंदुओं पर आदिवासियों की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी जाएगी। कार्यक्रम को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगनभुजबल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते, डिंडोरी विधायक व आदिवासी नेता ओंमकार मरकाम, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा और बिरसा ब्रिगेड के प्रमुख सतीश पेंडाम ने भी संबोधित किया। हम लोग ना केवल आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि इस देश में जो ईवीएम मशीन में चोरी हो रही डकैती हो रही उसकी लड़ाई भी हम शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे।
ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास – दिग्विजय सिंह

ली गई, तो यहां वोटों की चोरी बड़ी आसानी से हो सकती है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें आदिवासियों हक और उनके अधिकार जल जंगल जमीन की लडाई के साथ लोकतंत्र को बचाने की लडाई भी लडऩा है ।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसस वो संगठन हैं जो आदिवासियों की पहचान छीनना चाहता है। वनवासी यदि शहर चला गया तो क्या अपना हक छोड़ देगा, क्या अनुसूचित जाति की सूची में नहीं आएगा, ये आपको गुमराह कर रहे हैं। पूर्व सीएम बोले, मैं अगाह करना चाहता हूं आरएसएस और भाजपा के लोगों को कि आदिवासियों की पहचान छीनने का प्रयास मत करिए, इनकी पहचान बनाए रखना मौलिक संवैधानिक अधिकार है।Óउन्होंने कहा कि आदिवासियों के हक के लिये पेसा कानून हम बनाना चाहते थे और इसका ड्राप भी तैयार कर लिया गया था ।

ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास - दिग्विजय सिंह आदिवासियों के हक के लिये मिलकर लड़ेंगे - शरद पवार सिवनी यशो:- प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार सहित अन्य नेताओं ने बिरसा मुंडा ब्रिगेड के पालीटेक्रिक ग्राऊंड में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की । इस अवसर पर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह अपने संबोधन के दौरान कहा कि वह आदिवासियों के हक एवं लोकतंत्र की लड़ाई एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ मिलकर लड़ेंगे। दिग्विजय का आरोप है कि हम बटन दबाते हैं, पता नहीं वोट किसे जाता है. मतदाताओं के बीच पूरे देश में अविश्वास की स्थिति है. विश्व में ऐसी कोई मशीन बता दीजिए, जिसमें चिप डली हो और हैक नहीं की जा सके. बांग्लादेश और रूस के रिजर्व बैंक से चोरी कर ली गई, तो यहां वोटों की चोरी बड़ी आसानी से हो सकती है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें आदिवासियों हक और उनके अधिकार जल जंगल जमीन की लडाई के साथ लोकतंत्र को बचाने की लडाई भी लडऩा है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसस वो संगठन हैं जो आदिवासियों की पहचान छीनना चाहता है। वनवासी यदि शहर चला गया तो क्या अपना हक छोड़ देगा, क्या अनुसूचित जाति की सूची में नहीं आएगा, ये आपको गुमराह कर रहे हैं। पूर्व सीएम बोले, मैं अगाह करना चाहता हूं आरएसएस और भाजपा के लोगों को कि आदिवासियों की पहचान छीनने का प्रयास मत करिए, इनकी पहचान बनाए रखना मौलिक संवैधानिक अधिकार है।Óउन्होंने कहा कि आदिवासियों के हक के लिये पेसा कानून हम बनाना चाहते थे और इसका ड्राप भी तैयार कर लिया गया था । इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता शरद पवार ने कहा कि आदिवासियों की समस्याओं व उनके अधिकारों के लिए हम सब एकजुट होकर सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। देश में जितने भी बांध बने हैं, हाइवे बने हैं, रेल मार्ग बने, इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को अपनी जमीन से वंचित होकर उठाना पड़ा। वन अधिनियम 1972 बनने के बाद आदिवासियों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया। जबकि जल, जंगल और जमीन को बचाने वाले आदिवासी ही हैं। सभी बिंदुओं पर आदिवासियों की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी जाएगी। कार्यक्रम को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगनभुजबल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते, डिंडोरी विधायक व आदिवासी नेता ओंमकार मरकाम, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा और बिरसा ब्रिगेड के प्रमुख सतीश पेंडाम ने भी संबोधित किया। हम लोग ना केवल आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि इस देश में जो ईवीएम मशीन में चोरी हो रही डकैती हो रही उसकी लड़ाई भी हम शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे।
ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास – दिग्विजय सिंह

ईव्हीएम के प्रति पूरे देश में अविश्वास - दिग्विजय सिंह - Seoni News

इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता शरद पवार ने कहा कि आदिवासियों की समस्याओं व उनके अधिकारों के लिए हम सब एकजुट होकर सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। देश में जितने भी बांध बने हैं, हाइवे बने हैं, रेल मार्ग बने, इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को अपनी जमीन से वंचित होकर उठाना पड़ा। वन अधिनियम 1972 बनने के बाद आदिवासियों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया। जबकि जल, जंगल और जमीन को बचाने वाले आदिवासी ही हैं। सभी बिंदुओं पर आदिवासियों की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी जाएगी।
कार्यक्रम को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगनभुजबल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते, डिंडोरी विधायक व आदिवासी नेता ओंमकार मरकाम, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा और बिरसा ब्रिगेड के प्रमुख सतीश पेंडाम ने भी संबोधित किया। हम लोग ना केवल आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि इस देश में जो ईवीएम मशीन में चोरी हो रही डकैती हो रही उसकी लड़ाई भी हम शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!