महाशिवरात्रि पर स्फटिक शिवलिंग दर्शन, विशेष फलदायी
सिवनी यशो:- ब्रह्मलीन जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी की पुण्य धरा सिवनी की महत्व तब और अधिक बढ़ गया जब सिवनी जिले में पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य जी महाराज ने अपनी पवित्र जन्मभूमि में विश्व का अनूठा स्फटिक शिवलिंग स्थापित करा कर सिवनी को विश्व को वैश्विक स्थालों में दर्ज कराया । जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर दिघौरी में स्थित श्री गुरुरत्नेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित विश्व के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने आज दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन में यहां विशेष अनुष्ठान के साथ कावडि़ए गंगाजल से अभिषेक करने पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुँचते है । मान्यता है कि स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। स्फटिक शिवलिंग के दर्शन कष्टों के निवारण का धर्म शास्त्रों की मान्यता के अनुसार सर्वोत्तम उपाय है । पूज्यपाद ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी महाराज ने सिवनी को समृद्धशाली बनाने की मंशा जो अनुकंपा की है वह अक्षय वरदान से कम नही है ।
स्फटिक शिवलिंग के दर्शन का विशेष महत्व है
गुरूधाम दिघोरी में स्थापित स्फटिक शिवलिंग को कश्मीर से यहां लाया गया था। बर्फ की चट्टानों के बीच कई वर्षों तक पत्थर के बीच दबे रहने के बाद ऐसा शिवलिंग निर्मित होता है। ऐसे शिवलिंग के पूजन का धर्मग्रंथों में इसका बहुत महत्व बताया गया है। स्फटिक शिवलिंग के दर्शन और पूजन से समस्त पापों का नाश होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार स्फटिक शिवलिंग के दर्शन मात्र से अनेक परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है और पापों का नाश होता है । यही वजह है कि स्फटिक शिवलिंग के दर्शन और पूजन करने के लिये देश के अनेक हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैंं।
दक्षिण शैली में बना मंदिर
ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज की जन्मस्थली दिघौरी गांव में मंदिर का निर्माण दक्षिण शैली में किया गया है। मंदिर में सीढ़ी चढऩे के बाद एक हॉल में विशाल नंदी विराजित हैं। इसके बाद एक गर्भगृह में स्फटिक शिवलिंग स्थापित है। मुख्यालय से 20 किमी दूर स्थित इस मंदिर में सिर्फ सड़क मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है। जबलपुर मार्ग पर राहीवाड़ा से 8 किमी अंदर मंदिर स्थापित है। यहां पहुंचने के लिए स्वयं का साधन बहुत उपयुक्त है अन्यथा सिवनी मुख्यालय से आटो अथवा टैक्सी का साधन लिया जा सकता है ।




