ग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, 3500 करोड़ निवेश से 14 हजार रोजगार: CM डॉ. मोहन यादव
केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ऐतिहासिक एमओयू, 170 एकड़ में विकसित होगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, 14 हजार रोजगार
भोपाल/नई दिल्ली यशो :- मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास और हाई-टेक विनिर्माण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्वालियर में लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जहां दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और निर्यात तक की संपूर्ण व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध होगी।

लगभग 3500 करोड़ रुपये के निवेश और 14 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाओं वाली यह परियोजना मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी तकनीकी और औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री बोले— विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का केंद्र बन रहा है और अब देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश की औद्योगिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था में दूरसंचार क्षेत्र केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, ई-गवर्नेंस और उद्योग 4.0 की मजबूत आधारशिला बन चुका है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश को यह परियोजना मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
एक ही परिसर में डिजाइन से लेकर एक्सपोर्ट तक की पूरी व्यवस्था
ग्वालियर में बनने वाला यह प्लग-एंड-प्ले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का पहला ऐसा एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा, जहां किसी उत्पाद की परिकल्पना से लेकर उसके वैश्विक बाजार में निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी की जा सकेगी। यहां डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे उत्पादन लागत कम होगी, गुणवत्ता बेहतर होगी और भारतीय कंपनियां वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अधिक सक्षम बन सकेंगी।
यहां बनेंगे आधुनिक दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण
प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में कई अत्याधुनिक तकनीकी उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- 5जी टेलीकॉम उपकरण
- 6जी संचार तकनीक से जुड़े उपकरण
- ऑप्टिकल फाइबर एवं नेटवर्किंग सिस्टम
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस
- सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पाद
- संचार एवं नेटवर्किंग हार्डवेयर
- निर्यात योग्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को दूरसंचार उपकरण निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का नया अध्याय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकेंगे।
एमएसएमई और स्टार्टअप को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगी। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई), स्टार्टअप, इंजीनियरिंग सेवाओं, कंपोनेंट निर्माण इकाइयों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी व्यापक लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मध्यप्रदेश बन रहा निवेशकों की पहली पसंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे निवेश गंतव्यों में शामिल है। प्रदेश में दो हजार से अधिक आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां कार्यरत हैं। राज्य सरकार द्वारा लागू सेमीकंडक्टर नीति-2025, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, ड्रोन नीति, स्टार्टअप नीति तथा एवीजीसी नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
उन्होंने देश-विदेश के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण देते हुए कहा कि यहां निवेश-अनुकूल वातावरण, उत्कृष्ट अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन और त्वरित निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में मिली एक और बड़ी परियोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें पीएम मित्रा पार्क, बीईएमएल यूनिट, बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और नर्मदापुरम एनर्जी पार्क जैसी योजनाएं शामिल हैं। अब टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन इस श्रृंखला की नई और महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले— भारत बनेगा दुनिया का टेलीकॉम निर्माण केंद्र
कार्यक्रम में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि उनका डिजाइन, विकास और निर्माण कर दुनिया के विभिन्न देशों को निर्यात करेगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया’ के विजन को साकार करेगी तथा भारत को वैश्विक टेलीकॉम विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्वालियर में बनने वाला देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं बल्कि मध्यप्रदेश में हाई-टेक औद्योगिक इकोसिस्टम की मजबूत नींव साबित होगा। इससे निवेश, निर्यात, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले वर्षों में ग्वालियर देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकॉम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित होकर मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति और नई पहचान प्रदान करेगा।
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